Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आरएसएस प्रमुख ने समावेशी समाज की वकालत की, नये विवादों पर नाराजगी जताई
    Headlines राजनीति

    आरएसएस प्रमुख ने समावेशी समाज की वकालत की, नये विवादों पर नाराजगी जताई

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 20, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    आरएसएस प्रमुख ने समावेशी समाज की वकालत की, नये विवादों पर नाराजगी जताई

    पुणे:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कई मंदिर-मस्जिद विवादों के फिर से उठने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ लोगों को ऐसा लग रहा है कि वे ऐसे मुद्दों को उठाकर ‘‘हिंदुओं के नेता’’ बन सकते हैं।

    भागवत ने सहजीवन व्याख्यानमाला में ‘भारत-विश्वगुरु’ विषय पर बृहस्पतिवार को व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने समावेशी समाज की वकालत की और कहा कि दुनिया को यह दिखाने की जरूरत है कि देश सद्भावना के साथ एक साथ रह सकता है।

    भारतीय समाज की बहुलता को रेखांकित करते हुए भागवत ने कहा कि रामकृष्ण मिशन में क्रिसमस मनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘केवल हम ही ऐसा कर सकते हैं क्योंकि हम हिंदू हैं।’’

     

     

    उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से सद्भावना से रह रहे हैं। अगर हम दुनिया को यह सद्भावना प्रदान करना चाहते हैं, तो हमें इसका एक मॉडल बनाने की जरूरत है। राम मंदिर के निर्माण के बाद, कुछ लोगों को लगता है कि वे नयी जगहों पर इसी तरह के मुद्दों को उठाकर हिंदुओं के नेता बन सकते हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।’’

    भागवत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण इसलिए किया गया क्योंकि यह सभी हिंदुओं की आस्था का विषय था। उन्होंने किसी विशेष स्थल का उल्लेख किए बिना कहा, ‘‘हर दिन एक नया मामला (विवाद) उठाया जा रहा है। इसकी अनुमति कैसे दी जा सकती है? यह जारी नहीं रह सकता। भारत को यह दिखाने की जरूरत है कि हम एक साथ रह सकते हैं।’’

    हाल के दिनों में मंदिरों का पता लगाने के लिए मस्जिदों के सर्वेक्षण की कई मांगें अदालतों तक पहुंची हैं, हालांकि भागवत ने अपने व्याख्यान में किसी का नाम नहीं लिया।

     

     

    उन्होंने कहा कि बाहर से आए कुछ समूह अपने साथ कट्टरता लेकर आए और वे चाहते हैं कि उनका पुराना शासन वापस आ जाए। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब देश संविधान के अनुसार चलता है। इस व्यवस्था में लोग अपने प्रतिनिधि चुनते हैं, जो सरकार चलाते हैं। आधिपत्य के दिन चले गए।’’

    उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह औरंगजेब का शासन भी इसी तरह की कट्टरता के लिए जाना जाता था, हालांकि उसके वंशज बहादुर शाह जफर ने 1857 में गोहत्या पर प्रतिबंध लगा दिया था।

     

     

    उन्होंने कहा, ‘‘यह तय हुआ था कि अयोध्या में राम मंदिर हिंदुओं को दिया जाना चाहिए, लेकिन अंग्रेजों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने दोनों समुदायों के बीच दरार पैदा कर दी। तब से, अलगाववाद की भावना अस्तित्व में आई। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान अस्तित्व में आया।’’

    भागवत ने कहा कि अगर सभी खुद को भारतीय मानते हैं तो ‘‘वर्चस्व की भाषा’’ का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘कौन अल्पसंख्यक है और कौन बहुसंख्यक? यहां सभी समान हैं। इस देश की परंपरा है कि सभी अपनी-अपनी पूजा पद्धति का पालन कर सकते हैं। आवश्यकता केवल सद्भावना से रहने और नियमों एवं कानूनों का पालन करने की है।’’

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजयपुर में भीषण हादसा: LPG और CNG ट्रक में टक्कर, 20 गाड़ियां जलीं, 150 लोग झुलसे
    Next Article राहुल के खिलाफ प्राथिमकी से दिखता है कि सत्तापक्ष में हताशा किस स्तर की है: प्रियंका गांधी

    Related Posts

    आसनबनी में जाताल पूजा: अच्छी फसल और समृद्धि की कामना

    June 23, 2026

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    June 22, 2026

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    आसनबनी में जाताल पूजा: अच्छी फसल और समृद्धि की कामना

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    गोविंदपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर घायल

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    NEET UG पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा: 30+ गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    अंबरनाथ पुलिस मानवीय चेहरा: NEET छात्रा का भविष्य संवारा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.