
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
कुशल संगठन कर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले निर्भय सिंह का निधन पूरे जमशेदपुर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विश्व हिन्दू परिषद के सिंहभूम विभाग के मंत्री अरूण सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि निर्भय सिंह एक अत्यंत जुझारू और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे।
कुशल संगठन कर्ता का व्यक्तित्व
निर्भय सिंह की ख्याति केवल एक राजनीतिक या सामाजिक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे एक कुशल संगठन कर्ता के रूप में जाने जाते थे। उनके नेतृत्व में किसी भी कार्य को अंजाम तक पहुँचाने की अद्भुत क्षमता थी। उनकी निर्भीकता और बेबाक अंदाज ही उनकी असली पहचान थी। युवाओं के बीच वे अपने विचारों और स्पष्टवादिता के कारण चर्चा का हमेशा केंद्र बने रहते थे। उनके निधन से एक ऐसे व्यक्तित्व का अंत हुआ है जिसने समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब में उनके सक्रिय योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। चाहे रामनवमी का महापर्व हो या दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन, निर्भय सिंह की कार्यकुशलता इन त्योहारों की शोभा बढ़ाती थी। उनके कुशल मार्गदर्शन में ही इन आयोजनों को भव्यता प्राप्त होती थी। उन्होंने केवल परंपराओं को ही नहीं निभाया, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
उनके निधन से न केवल उनका परिवार शोक में डूबा है, बल्कि उनके भाई अभय सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जमशेदपुर शहर ने आज एक ऐसे ‘हिन्दू वादी नेता’ को खो दिया है, जिसकी कमी समाज को हमेशा खलेगी। अरूण सिंह ने स्पष्ट कहा कि उनकी भरपाई करना इस समय नामुमकिन सा प्रतीत होता है।
जमशेदपुर ने खोया एक बड़ा व्यक्तित्व
निर्भय सिंह की सादगी और मेहनत का हर कोई कायल था। वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहने के बावजूद, उनकी जमीन से जुड़ी हुई छवि उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती थी। उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह आसानी से भरने वाला नहीं है।
शहर के युवाओं के लिए वे हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। उनके बेबाक बयानों में समाज की सच्चाई होती थी, जो उन्हें लोगों के करीब ले जाती थी। अभय सिंह और पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शहर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
उनके अंतिम संस्कार के समय उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि उन्होंने समाज के हर वर्ग में अपनी कितनी गहरी पैठ बना रखी थी। वे एक ऐसे मार्गदर्शक थे जो पीछे खड़े होकर भी पूरे संगठन को मजबूती प्रदान करते थे। उनकी आकस्मिक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य दे। वे भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य और संगठन के प्रति उनका समर्पण सदैव यादगार रहेगा। जमशेदपुर हमेशा उन्हें एक निडर और समर्पित समाजसेवी के रूप में याद रखेगा।

