गढ़वा : बसपा के प्रदेश अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी राजन मेहता गुरुवार को जिले के कांडी प्रखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर विभिन्न जनसमस्याओं से रू-ब-रू हुए। वे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए नारायणपुर गांव स्थित पुल पर पहुंचे। जहां सैकड़ों किसान उपस्थित थे। उपस्थित सभी किसानों ने उनसे अपनी व्यथा सुनाई। किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नवनिर्मित पुल के संवेदक द्वारा लापरवाही बरती गई है, जिससे धान की फसल बाढ़ की पानी में विलुप्त हो चुकी है। किसानों ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित नारायणपुर, बलियारी, सोनपुरा, बरवाडीह, चन्द्रपुरा, पतीला, जमुआ, बेलहथ, भीलमा, नाउभीलमा सहित अन्य गांवों का भी नाम शामिल है। उक्त सभी किसानों की व्यथा पर राजन मेहता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से मुझे जानकारी मिली कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन व निरीक्षण करने जिला उपायुक्त स्वयं पहुंचे थे। उपायुक्त ने जायजा लेते हुए किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की बात कही।
समाजसेवी सह विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के भावी प्रत्याशी राजन मेहता ने कहा कि जो रैयत हैं उनको तो मुआवजा अवश्य ही मिलना चाहिए, किन्तु मुआवजा उन्हें भी मिलना चाहिए जो बटाईदार हैं। साथ ही वैसे पारिश्रमिक जिन्होंने रेहन व मालगुजारी पर खेत लेकर किसानी कार्य किया है, उन्हें भी मुआवजा जरूर मिलना चाहिए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार व जिला प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा है कि कर्ज लेकर शारीरिक मेहनत कर किसानों द्वारा खेतों में धान, मूंगफली, तिल सहित अन्य फसलों की खेती की गई, जो पानी में डूब गई, इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। जिससे किसान हताश व निराश न हों। उन्होंने कहा कि यदि पुल के संवेदक द्वारा समय रहते डायवर्शन को खाली करा दिया जाता तो हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद होने से बच जाती। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों से इस क्षेत्र के किसान लगातार सुखाड़ अकाल जैसी भयावह समस्याओं से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नीलगायों की आतंक से भी किसान आतंकित हैं। अब किसान खेती करने से भी कतरा रहे हैं। अगर इसी प्रकार का रवैया रहा तो किसान खेती भी करना बंद कर देंगे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को किसानों की समस्याओं के सम्बंध में मैंने जानकारी भी दी है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से पुनः मांग की है कि किसानों को बाढ़ में डूबी फसलों व नीलगायों, वन सुअरों व अन्य जंगली जानवरों द्वारा किसानों की नष्ट हो रही फसलों को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हुए मुआवजा दी जाए। चुकी किसान ही अन्नदाता हैं। यदि किसानों को अविलंब मुआवजा नहीं मिलती है तो बसपा किसानों को लेकर सड़क पर उतरेगी और आंदोलन करने को बाध्य होगी। मौके पर संजय मेहता, रविन्द्र मेहता, अविनाश पासवान, धर्मेंद्र ठाकुर, सुमेर मेहता, संत मेहता, दिनेश कुमार, सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।

