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    Home » झारखंड आंदोलन को बेचने और खरीदने वालों ने अटल जी का नहीं लोकतंत्र का किया अपमान : रघुवर दास
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    झारखंड आंदोलन को बेचने और खरीदने वालों ने अटल जी का नहीं लोकतंत्र का किया अपमान : रघुवर दास

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 16, 2020Updated:August 16, 2020No Comments2 Mins Read
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    झारखंड आंदोलन को बेचने और खरीदने वालों ने अटल जी का नहीं लोकतंत्र का किया अपमान : रघुवर दास
    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सत्ताधारी झारखण्ड और कांग्रेस पार्टी पर घटिया राजनीति का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दो-दो करोड़ रुपए में झारखंड आंदोलन को खरीदने और बेचने वाली ये पार्टियां (1993 सांसद रिश्वत कांड) वाजपेयी जी के व्यक्तित्व को क्या जान पायेंगी। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपयी जी की दूसरी पुण्यतिथि पर नवनिर्मित विधानसभा में सरकार की ओर से उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई और ना ही भाजपा सांसद और नेताओं को श्रद्धा सुमन अर्पित करने की अनुमति दी गई। इस पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए श्री रघुवर दास ने कहा कि जेएमएम और कांग्रेसी ने लोकतंत्र की हत्या का काम किया है। उन्होंने कहा विधानसभा परिसर तो सभी दलों के लिए समान रूप से उपलब्ध रहता है। वहां किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को आने जाने पर कोई रोक-टोक नहीं है। लेकिन जिस प्रकार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से न तो कोई कार्यक्रम आयोजित किया गया था और ना ही भाजपा के नेताओं को श्रद्धा सुमन अर्पित करने की अनुमति दी गई, यह अत्यंत ही निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि विधानसभा परिसर में जाने से सांसद व भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को किस नियम के तहत रोका गया?
    वाजपेयी जी की दूरदृष्टि चलते वर्ष 2000 में झारखंड का गठन हुआ। कांग्रेस-जेएमएम-राजद तो कभी भी ऐसा होने देना नहीं चाहती थी। उन्होंने झारखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया। हमारी सरकार ने नए विधानसभा निर्माण के दौरान भगवान बिरसा मुंडा और झारखंड के जन्मदाता अटल बिहारी वाजपेयी जी की आदमकद प्रतिमा लगवाई। लेकिन आज उनकी पुण्यतिथि पर सरकार का रवैया निंदनीय है। सरकार ने महापुरुषों का अपमान किया गया है।

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