चुनाव से पहले इमरान को एक और झटका, तोशाखाना केस में खान और बुशरा बीबी को 14 साल जेल की सजा
पाकिस्तान में चुनाव से पहले जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक और बड़ा झटका लगा है। अदालत ने तोशाखाना मामले में 71 वर्षीय खान और उनकी पत्नी 49 वर्षीय बुशरा बीबी को 14 साल जेल की सजा सुनाई है। पाकिस्तान के जियो न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दंपति को कैद ए बामुशक्कत की सज़ा सुनाई गई है।इसके साथ ही अदालत ने दोनों को 10 साल तक किसी भी सार्वजनिक पद पर बहाल होने से रोक दिया है।अदालत ने उन पर 78.7 करोड़ रुपए का सामूहिक जुर्माना भी लगाया है।
बुशरा बीबी आज कोर्ट में पेश नहीं हुईं। इससे एक दिन पहले ही इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को गोपनीयता का उल्लंघन करने के मामले में मंगलवार को 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में सत्ता में लौटने के उनके प्रयास को झटका लगा है। इसके बाद एक दूसरी कोर्ट की यह सजा उनके लिए दोहरा झटका है। गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी के पूर्व पति खावर फरीद मनेका ने 25 नवंबर 2023 को दोनों के खिलाफ व्यभिचार और धोखाधड़ी से शादी करने का आरोप लगाया था। खान और बुशरा बीबी के खिलाफ पाकिस्तान पीनल कोड के मुताबिक विभिन्न धाराओं में इस्लामाबाद पूर्व के वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश कुदरतुल्ला की अदालत में मामला चल रहा था जहां सजा सुनाई गई है। भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद खान पहले ही तीन साल की जेल की सजा काट रहे हैं।
इस सिफर मामले का संबंध गोपनीय राजनयिक दस्तावेज के खुलासे से हैं। खान ने 27 मार्च, 2022 को एक सार्वजनिक रैली में अमेरिका का नाम लेते हुए दावा किया था कि यह उनकी सरकार को गिराने की एक ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ का सबूत है। संघीय जांच एजेंसी ने पिछले साल 15 अगस्त को खान और कुरैशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह फैसला भी आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव से नौ दिन पहले आया है। खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ अपने नेताओं पर कार्रवाई और बिना चुनावी चिह्न के यह चुनाव लड़ रही है।‘डॉन’ की खबर के अनुसार, इमरान और कुरैशी दोनों जेल में हैं। इमरान की उम्मीदवारी खारिज कर दी गयी है जबकि कुरैशी को थार से नेशनल असेंबली की सीट पर चुनाव लड़ने की मंजूरी दे दी गई है। लेकिन आज की सजा का मतलब है कि दोनों अगले पांच साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य हो गए हैं। खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुये कहा कि यह एक ‘‘झूठा मामला है। मीडिया या जनता को इससे दूर रखा गया।” उनकी पार्टी ने व्हॉट्सएप संदेश में कहा, ‘‘ हमारी कानूनी टीम इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगी।

