लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय में शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हुए प्रारंभिक शिक्षक संघ ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के समक्ष पुरजोर तरीके से पक्ष रखा। यह घटनाक्रम राज्य के शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है जहां संगठन ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण के लिए सीधे मंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
बीहट। यदुनंदन। हर्ष गार्डन में माननीय शिक्षा मंत्री के बेगूसराय आगमन पर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव राम कल्याण पासवान के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के विभिन्न मांगों के निराकरण हेतु 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने में संघ के जिला सचिव दिलीप झा, चेरियाबरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ मोहन, बछवाड़ा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष साकेत कुमार सिंह राज्य प्रतिनिधि मनोरंजन कुमार बरौनी प्रखंड सचिव अनिल कुमार, भगवानपुर प्रखंड सचिव अमित कुमार, आफाक आलम, आनंद कुमार रामप्रवेश पासवान, पंकज कुमार एवं सौरभ जी शामिल थे। माननीय शिक्षा मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता पूर्वक सुने, संघ के प्रतिनिधियों को निष्पादन का आश्वासन दिया।
शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान: अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित
शिक्षा मंत्री ने भी आरपी एस एस के मांग पर हर्ष गार्डन के सभागार में संबोधित करते हुए कहा कि 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी नहीं जाने देंगे। यह घोषणा हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है जो लंबे समय से अपनी सेवा सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। मंत्री के इस बयान से शिक्षक समुदाय में एक नई उम्मीद जगी है।
सातवें वेतनमान के लिए कमिटी गठन का निर्णय
वही नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, एवं प्रधान शिक्षकों को सातवां वेतनमान से लाभान्वित करने के लिए एक कमिटी बनाकर दूसरे राज्यों में शिक्षकों को मिलने वाला लाभ के अध्ययन के लिए भेजा जाएगा। इस कमिटी का गठन वेतन विसंगतियों को दूर करने और बिहार के शिक्षकों को अन्य राज्यों के समकक्ष लाभ दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन दल की रिपोर्ट के आधार पर बिहार में शिक्षकों की वेतन संरचना में व्यापक सुधार संभव है।
11 सूत्री मांगों में प्रमुख बिंदु
हालांकि ज्ञापन के सभी 11 बिंदुओं का विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें सेवा शर्त नियमावली में सुधार, प्रोमोशन का लाभ, स्थानांतरण नीति का सरलीकरण, मृत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी, तथा ईपीएफ कटौती जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ के प्रधान सचिव राम कल्याण पासवान ने स्पष्ट किया कि यदि समय सीमा के अंदर मांगें पूरी नहीं होती हैं तो संघ चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
बेगूसराय से उठी आवाज का राज्यव्यापी असर
बेगूसराय की धरती से उठी यह मांग अब राजधानी पटना के गलियारों तक गूंजेगी। शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन और कमिटी गठन की घोषणा ने इस आंदोलन को एक सकारात्मक दिशा दी है। बिहार शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की संभावना है। आने वाले दिनों में कमिटी की रिपोर्ट और सरकार के फैसले पर पूरे बिहार के लाखों शिक्षकों की निगाहें टिकी रहेंगी।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रखंड सचिवों एवं राज्य प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि प्रारंभिक शिक्षक संघ शिक्षक हित में किसी भी स्तर तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। आज का दिन बिहार के प्रारंभिक शिक्षकों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

