बखरी में नीलकंठ उड़ा तो शुरू हुआ ऐतिहासिक जतरा, विजयादशमी पर भक्ति में डूबा पूरा क्षेत्र
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नितेश सिंह राजपूत
*बखरी (बेगूसराय)।* बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व बखरी में आस्था, परंपरा और उल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को पूरा बाजार भक्ति के रंग में रंगा रहा।
सुबह से ही प्रखंड के चार प्रमुख आस्था केंद्र पुरानी दुर्गा शक्ति पीठ, वैष्णवी दुर्गा मंदिर और गोढीयारी ढाला स्थित मंदिर एवं परिहारा गांव के मंदिर में घंटा-शंख की गूंज रही। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता की विशेष पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
दोपहर बाद सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार नीलकंठ पक्षी को उड़ाकर ऐतिहासिक जतरा जुलूस की शुरुआत की गई। मान्यता है कि दशहरे पर नीलकंठ के दर्शन शुभ होते हैं। नीलकंठ के आकाश में उड़ते ही जयकारे गूंज उठे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ जुलूस बाजार की ओर बढ़ा। आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग इसमें शामिल हुए।
देर शाम नम आंखों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदा कर शांतिपूर्ण विसर्जन किया गया। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से पूरा उत्सव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

