खोदावंदपुर प्रखंड संसाधन केंद्र में शनिवार को आयोजित पीबीएल उन्मुखीकरण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसमें गतिविधि आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
पीबीएल उन्मुखीकरण कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य
प्रखंड संसाधन केंद्र, खोदावंदपुर में शनिवार को प्रखण्ड स्तरीय एक दिवसीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में प्रखंड के सभी मध्य, उत्क्रमित मध्य एवं पीएमश्री विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक गणित एवं विज्ञान विषय का अध्यापन कराने वाले शिक्षकों को परियोजना एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी।
कार्यशाला का आयोजन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा, बेगूसराय के पत्रांक:- TE/1968, दिनांक:- 03 सितंबर 2026 तथा प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, खोदावंदपुर के ज्ञापांक:- 441, दिनांक:- 10 सितंबर 2026 के आलोक में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पंकज कुमार ने की।
कार्यशाला में जिला पीबीएल समन्वयक, बेगूसराय मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने शिक्षकों को पीबीएल की अवधारणा और इसके माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने के तरीकों की जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान पीबीएल के अंतर्गत एमआईपी 4.4 पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी।
सभी विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को एमआईपी का कार्य निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही मीना मंच एमआईपी को भी निर्धारित तिथि से पूर्व पूरा करने पर बल दिया गया।
इस दौरान शिक्षकों को आ रही तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
कार्यशाला में प्रखंड के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत गतिविधि आधारित एवं प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि इस पद्धति से बच्चों में गणित एवं विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे पाठ्यक्रम में प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन से जोड़ सकेंगे।
इसके अलावा इंस्पायर अवार्ड के तहत विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार किये गये नवाचारपूर्ण विचारों में से कम से कम पांच श्रेष्ठ आइडिया का चयन कर पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा की गयी।
आगामी पीबीएल 4.5 एमआईपी, सितंबर 2026 के कार्यों की समीक्षा एवं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये।
कार्यशाला में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने पर भी चर्चा की गयी।
कार्यशाला के संचालन में प्रखंड तकनीकी दल, खोदावंदपुर के सदस्य राजेश कुमार, सविता कुमारी, संदीप कुमार एवं धर्मेंद्र कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मौके पर आईसीटी कोऑर्डिनेटर रवि कुमार एवं बीईडीएमसी डाटा ऑपरेटर राधेश्याम चौरसिया भी मौजूद थे।
इस अवसर पर प्रखंड के सभी मध्य, उत्क्रमित मध्य एवं पीएमश्री विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान एवं गणित विषय पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।
उपस्थित शिक्षकों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं सफल बताया।
इस पहल के बारे में अधिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट देखें।
कार्यशाला का प्रभाव और भविष्य की योजना
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पीबीएल उन्मुखीकरण कार्यशाला जैसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों में नई शिक्षण पद्धतियों के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है। गतिविधि आधारित शिक्षण न केवल छात्रों की रुचि जगाता है बल्कि उनके वैज्ञानिक सोच को भी विकसित करता है। आने वाले महीनों में पीबीएल 4.5 के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
बेगूसराय जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तर्ज पर कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है, जिससे समग्र शिक्षा अभियान के लक्ष्यों को गति मिल सके।

