दिनदहाड़े करमदाहा नदी से अवैध बालू उठाव, गरीबों को रोजगार का बहाना, माफियाओं की चांदी
निजाम खान। राष्ट्र संवाद
जामताड़ा: जिले के करमदाहा नदी (जामताड़ा-गोबिंदपुर के बीच) से अवैध बालू उठाव का खेल खुलेआम जारी है। दिन के उजाले में नाव के माध्यम से रोजाना दर्जनों ट्रकों पर बालू की लदाई की जा रही है। नदी किनारे गाड़ियों की कतारें इस कदर दिखती हैं मानो यहां किसी वैध खदान का संचालन हो रहा हो। यह सब कुछ प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन रोकथाम की कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करमदाहा नदी से अवैध खनन वर्षों से जारी है, मगर हाल के दिनों में इसकी रफ्तार और बढ़ गई है। सुबह से शाम तक ट्रकों और ट्रैक्टरों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान हैं। धूल और शोर प्रदूषण के साथ-साथ सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। ग्रामीण बताते हैं कि मजदूरी के नाम पर कुछ लोगों को रोज़गार तो मिल रहा है, लेकिन असल फायदा बालू माफियाओं की जेब में जा रहा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने बालू खनन पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिना लीज और पर्यावरणीय मंजूरी के नदी से बालू उठाव पूरी तरह गैरकानूनी है। बावजूद इसके, करमदाहा नदी में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ट्रकों में क्षमता से अधिक बालू लादकर खुलेआम परिवहन किया जाता है। इसके चलते राजस्व की भी भारी क्षति हो रही है।
लोगों की माने तो अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। जलस्तर कम हो रहा है, खेती प्रभावित हो रही है और आने वाले समय में पानी का संकट गहराने का खतरा है। इसके बावजूद बालू माफिया बेलगाम हैं। गरीबों को रोज़गार देने की आड़ में बालू के अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य भी नहीं मिलता।
प्रश्न यह है कि जब एनजीटी ने बालू खनन पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं तो करमदाहा नदी में हो रही यह खुलेआम लूट कौन रोक पाएगा? जिम्मेदार विभागों की चुप्पी से आमजन में यह संदेश जा रहा है कि कहीं न कहीं बालू माफिया और तंत्र के बीच गठजोड़ है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब गंभीर कदम उठाता है और करमदाहा नदी को अवैध खनन से मुक्त कर पाता है या नहीं। फिलहाल, नदी और आमजन दोनों ही माफियाओं की बेलगाम हरकतों का खामियाजा भुगत रहे हैं। इस पूरे मामले में जिला खनन पदाधिकारी जामताड़ा से बात करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

