राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष एवं स्थानीय समाजसेवी जावेद अंसारी ने नारायणपुर में ग्रेड कॉलेज के उद्घाटन की निंदा की है। उन्होंने इसे गलत और जनहित के खिलाफ बताया और इसकी तीव्रता से विरोध किया है। अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कॉलेज का निर्माण प्रखंड मुख्यालय पर होना चाहिए था, ताकि आम जनता को सुविधा और पहुंच में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जावेद अंसारी का कहना है यह निर्णय कहीं ना कहीं राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम है।वे आरोप लगाते हुए कहा कि यह उद्घाटन क्षेत्रीय राजनीति और भ्रष्ट नीतियों का हिस्सा है, जो लोगों की शैक्षिक हित के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने सरकार, विधायक और प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट सूचना देने की भी मांग की है।जावेद अंसारी ने यह भी कहा जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। यदि कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय पर बनाते, तो सारा छात्रवृत्ति से लेकर परिवहन तक का लाभ क्षेत्रवासियों को सहज रूप से मिलता।उनका यह भी मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखीं जिसमें से कॉलेज की साइट चयन संबंधी समस्त दस्तावेज सार्वजनिक करने को।
यदि वास्तविक जरूरत प्रखंड मुख्यालय की थी, तो उस स्थल पर कॉलेज के लिए बजट एवं भूमि आवंटन का त्वरित निर्णय।भविष्य में क्षेत्रीय हितों के विरोधाभासी फैसलों पर जनहितायाम समीक्षा समिति गठित की जाए।इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी चिंता जताई है। उनके अनुसार, यदि समय रहते उचित निर्णय न लिया गया, तो यह केवल शैक्षिक सुविधा की कमी नहीं बल्कि क्षेत्रीय असंतोष को भी बढ़ाएगा। जावेद अंसारी एवं स्थानीय कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर भविष्य में संविधान के तहत शांतिपूर्ण आंदोलन करने की भी चेतावनी दे चुके हैं।इस घटनाक्रम में एजुकेशनल फैसलों में राजनीतिक दखल और जनहित संतुलन पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखने की बात यह है कि सरकार, विधायक और प्रशासन द्वारा इस विवादास्पद निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया आती है तथा स्थानीय जनता इस पर कैसे प्रतिक्रिया व्यक्त करती है।

