उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०) एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनिमेष नैथानी (भा०पु०से०) के द्वारा दुर्गा पूजा 2023 पर्व के अवसर में जिले में विधि व्यवस्था संधारण हेतु संयुक्त आदेश जारी।
शांतपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है
दिनांक 21.10.2023 से पूजा समाप्ति एवं प्रतिमा विसर्जन तक सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस बल को अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर बने रहने का निर्देश
सोशल मीडिया पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर, पूजा पंडालों में अश्लील एवं आपत्तिजनक गीतों को बजाने पर रोक, सामाजिक विद्वेष फैलाने उन्मादियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी
दुर्गा पूजा के अवसर पर 24 घंटे कार्यरत रहेगा जिला नियंत्रण कक्ष; 064344-222245 पर सूचनाओं का होगा आदान प्रदान
असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने हेतु एसपी, एसडीपीओ, पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक (करमाटांड़ एवं नारायणपुर) क्यू०आर०टी० का किया गया है गठन
जैसा कि सर्व विदित है कि इस वर्ष दुर्गा पूजा / शारदीय नवरात्र दिनांक 15.10.2023 को कलश स्थापन के साथ प्रारम्भ हो गया है। दिनांक 21.10.2023 को महासप्तमी, 22.10.2023 को महाष्टमी, 23.10.2023 को महानवमी एवं दिनांक- 24.10.2023 को विजयादशमी हिन्दू पंचांग में विनिर्दिष्ट है। अनेक पूजा पण्डालों के पट षष्ठी तिथि को ही खोल दिये जाते हैं। पूजा के उपरान्त मूर्ति विसर्जन दिनांक 24.10.2023 की संध्या से अगले दो-तीन दिनों तक जिले के विभिन्न तालाबों, नदी एवं नहरों में किया जायेगा। इस पर्व के अवसर पर जिले के विभिन्न भागों में दुर्गा माँ की प्रतिमा का पूजन, मेले एवं पूजा के उपरान्त मूर्ति विर्सजन जुलूस का कार्यक्रम आयोजित होता है। मेले में भीड़, चंदा वसूली एवं मूर्ति विसर्जन आदि को लेकर कभी-कभी विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
*ऐसी परिस्थिति में विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता को देखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०) एवं पुलिस अधीक्षक, जामताड़ा श्री अनिमेष नैथानी (भा०पु०से०) ने संयुक्त रूप से विधि व्यवस्था संधारण हेतु आदेश जारी किया।*
उक्त आदेश में वर्णित है कि पूजा पंडालों और उसके आसपास विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेला आदि का आयोजन किया जाता है, जिसमें असामाजिक तत्वों के द्वारा छेड़-छाड़, चेन छिनतई एवं अप्रिय घटना को अंजाम देने की संभावना को देखते हुए उस पर नियंत्रण के लिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है। वहीं प्रतिमा विसर्जन के दौरान डी०जे० बजाने खासकर मस्जिद के आस-पास या निर्धारित मार्ग से हटकर जुलूस निकालने, भड़काऊ / आपत्तिजनक नारेबाजी करने आदि को लेकर विवाद और साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न न हो एवं उससे साम्प्रदायिक सौहार्द, लोक-व्यवस्था तथा शांति-व्यवस्था भंग ना होने पाए, इसके मद्देनजर इस पर्व में भी पूजा के उपरान्त प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता है। खासकर जुलूस मार्ग के अगल-बगल स्थित मस्जिद, ईदगाह, ईमामबाड़ा, कब्रिस्तान अथवा पूर्व से विवादग्रस्त मार्गो पर विशेष निगरानी एवं सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इसके अलावा प्रतिमा विसर्जन के स्थानों (जलाशयों) में भी निगरानी की आवश्यकता है। गश्ती दल / दण्डाधिकारियों को विशेष हिदायत दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदायों की आबादी से संबंधित क्षेत्र में अधिक भ्रमणशील रहेंगे। साथ ही व्हाट्सएप, लिंकेडिन, फेसबुक, ट्विटर (एक्स) एवं अन्य सोशल मीडिया ग्रुप में प्रचारित / प्रसारित होने वाले विवादित तस्वीरों एवं संवादों जिसमें किसी विशेष सम्प्रदाय/धर्म/जाति की भावनाओं को आहत पहुँचानें वाली टिप्पणियों करते हों और नफरत फैलातें हों, पर विशेष निगरानी रखने की भी आवश्यकता है।
विसर्जन जुलूस के दौरान विभिन्न जुलूस द्वारा आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा एवं लौटने के कारण तनाव / विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है। प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी / पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल इसकी सतत् निगरानी करेंगे रखते हुए विर्सजन जुलूस को आगे बढ़ाना सुनिश्चित करेंगे।
*विधि व्यवस्था संधारण के लिए प्रशासन के द्वारा की गई है पर्याप्त व्यवस्था; चप्पे चप्पे पर रहेंगे दंडाधिकारी एवं पुलिस बल*
वहीं जिले के सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति दिनांक 21.10.2023 से 24.10.2023 तक तथा विसर्जन जुलूस के साथ बने रहने एवं स्थिति सामान्य होने तक के लिए किया गया है, इस दौरान उन्हें अपने विवेक से विधि व्यवस्था संधारण हेतु अपेक्षित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा जिला एवं प्रखंड स्तर पर सुरक्षित दंडाधिकारी को नियंत्रण कक्ष में योगदान का निर्देश दिया गया है, साथ ही जिनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है वैसे सभी पदाधिकारी एवं कर्मी जिला एवं प्रखंड स्तर पर मुख्यालय में बने रहेंगे ताकि आवश्यकता अनुरूप उनसे कार्य लिया जा सके। इसी प्रकार पुलिस केंद्र, थाना एवं अन्य प्रतिष्ठान के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी को सुरक्षित रूप में अपने अपने स्थान पर बने रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कर्तव्य पर लगाया जा सकेगा।
वहीं एसडीओ एवं एसडीपीओ को इन प्रतिनियुक्ति के अतिरिक्त यदि आवश्यक समझें तो अपने स्तर से दंडाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी के साथ सशस्त्र बल की प्रतिनियुक्ति कर इसका अनुमोदन करा लेने का निर्देश दिया। वहीं बीडीओ को भी अपने स्तर से दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर इसका अनुमोदन का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा जहां शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका हो, वहां पर ससमय सीआरपीसी की धारा 144/107 के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं सांप्रदायिक स्थिति से निपटने की पूरी जिम्मेवारी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की होगी। विधि व्यवस्था बनाए रखने हेतु यदि उपद्रवकारी एवं हिंसा पर उतारू जत्था/जमात पर बल का भी प्रयोग करना पड़े तो इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी एवं जिला नियंत्रण कक्ष को देते हुए बिना हिचकिचाहट के अपने विवेक से काम लेकर विधि व्यवस्था बनाए रखने हेतु अपेक्षित विधि सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। वहीं जायज उठाए गए कदमों पर पूर्ण समर्थन मिलेगा किंतु लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले अधिकारी को दण्डित भी होना पड़ सकता है।
आदेश में गैर कानूनी जमात को नियंत्रित करने के संबंध में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों/पुलिस पदाधिकारियों को देने के अलावा रेड बुकलेट में दिए अनुदेश को भी अच्छी तरह समझा देने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा सभी थाना प्रभारी अपने चलन्त वाहनों में भी विडियोग्राफी की व्यवस्था करना सुनिश्चित करने एवं अपने-अपने क्षेत्रों में उक्त अवसर पर शांति एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु अनुसूची में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी दल के अलावे भी आवश्यकतानुसार पुलिस पदाधिकरी, सशस्त्र बल, साधारण बल, चौकीदार सरदारों की प्रतिनियुक्ति करते हुए स्वयं भी सशस्त्र बल के साथ भ्रमणशील रहकर शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जुलुस गुजरने वाले रास्ते क्लियर हो एवं जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले मस्जिद कब्रिस्तान मदरसों के पास जुलूस को सकने नहीं देंगे तथा इसे आगे की ओर यथाशीघ्र बढ़ाना सुनिश्चित करेंगे एवं जुलूस की पूर्ण विडियो रिकॉर्डिंग भी किया जाय। साथ ही पीक आवर में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने एवं किसी गैरकानूनी कार्य को कैमरा में कैद करने हेतु ड्रोन (हवाई निगरानी हेतु), सीसीटीवी एवं अन्य माध्यम से विडियोग्राफी करायी जाय। अनुमण्डल पदाधिकारी, जामताड़ा एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करायेंगे।
डी०जे०/ लाउडस्पीकर में भड़काउ सी0डी0 / आपत्तिजनक गाने न बजे तथा ध्वनि तीव्रता निर्धारित मापदण्ड से अधिक न हो अनुमण्डल पदाधिकारी, जामताड़ा इसे सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बिसर्जन एवं जुलूस मैं डी०जे० पर पूर्ण प्रतिबंधित रहेगा, जिले के सभी डी०जे० मालिकों से इस संबंध में एक शपथ पत्र लिया जायेगा कि वे अपना डी०जे० किसी भी विसर्जन (दुर्गा पूजा कमिटि) को नहीं देंगे।
*जिला नियंत्रण कक्ष में एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति का निर्देश*
इस क्रम में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जामताड़ा को निर्देश दिया गया है कि उक्त अवसर जिला नियंत्रण कक्ष जामताड़ा एवं मिहिजाम में एक एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे तथा सदर अस्पताल एवं सभी प्रखण्डों के स्वास्थ्य केन्द्रों/अस्पतालों में प्रतिनियुक्त चिकित्सकों को एंबुलेंस के साथ तैयारी हालत में रहने का निर्देश देंगे, इसके अलावा विसर्जन जुलूस के दौरान जुलूस में चलंत चिकित्सा व्यवस्था को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दशहरा पर्व के अवसर पर साफ सफाई एवं पानी की व्यवस्था आयोजनकर्ता द्वारा किया जायेगा वहीं शहरी क्षेत्रों में यह कार्य नगर परिषद मिहिजाम एवं नगर पंचायत जामताड़ा द्वारा किया जायेगा, जिसके लिए कार्यपालक पदाधिकारी एवं संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
*प्रतिमा विसर्जन के दौरान संबंधित क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति रोकने का निर्देश*
विद्युत कार्यपालक अभियंता, जामताड़ा को निर्देश दिया जाता है कि उक्त अवसर पर जुलुस मार्ग एवं पण्डाल में आने वाले विद्युत तारों की जाँच कर ससमय ठीक कराना सुनिश्चित करेंगे, ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो। साथ ही अपने स्तर से वस्तुस्थिति पर पूर्ण निगरानी रखेंगे तथा किसी भी आपात स्थिति से निबटने हेतु एक कन्ट्रोल रूम अपनी देखरेख में बनायेंगे एवं पूर्ण तैयारी रखेंगे तथा विसर्जन एवं जुलूस के गुजरने वाले मार्ग में आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति को बंद करना सुनिश्चित करेंगे।पंडाल में जनरेटर का व्यवस्था आयोजनकर्ता के द्वारा किया जायेगा।
दशहरा पर्व के अवसर पर जिले के सभी शराब की दुकानें नियमानुसार बंद रहेगी, उत्पाद अधीक्षक को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पशुओं और जानवरों के वध के मद्देनजर निगरानी हेतु सभी थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। प्रभारी अग्निशमन सेवा को फुल टैंक पानी के साथ तैयारी हालत में एक अग्निशमन वाहन को नाला थाना एवं एक को जिला मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है।
जिले में यातायात व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत, नगर परिषद मिहिजाम एवं करमाटांड़ बाजार क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। साथ ही मिहिजाम मुख्य सड़क से गुजरने वाली बड़ी वाहनों की नो एंट्री 21 से 24 अक्टूबर को संध्या 5.30 बजे से रात्रि 10 बजे तक करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा जिला परिवहन पदाधिकारी को विभिन्न मार्गों पर दल गठित करते हुए वाहन जांच की नियमित व्यवस्था करेंगे ताकि शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों एवं अवैध वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया जा सके।
*जिला नियंत्रण कक्ष रहेगा 24 घंटे कार्यरत*
दशहरा/दुर्गा पूजा के अवसर पर 21 से 24 अक्टूबर तक अनुमंडल परिसर में जिला नियंत्रण कक्ष (06433 – 222245) 24 घंटे कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष में आवश्यकतानुसार पदाधिकारी एवं कर्मी की प्रतिनियुक्ति के अलावा वाहन की व्यवस्था करने तथा आयोजकों का पूर्ण पता एवं मोबाइल नंबर को नियंत्रण कक्ष में रखने का निर्देश दिया गया है।
*विभिन्न स्तरों पर क्यू०आर०टी० का हुआ है गठन*
जिले में विभिन्न थाना क्षेत्रों में विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु अलग अलग क्यूआरटी को पुलिस पदाधिकारी के साथ गठन किया गया है, जिसमें एसपी क्यूआरटी, एसडीपीओ जामताड़ा क्यूआरटी, एसडीपीओ नाला क्यूआरटी, पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध क्यूआरटी, पुलिस निरीक्षक नारायणपुर एवं करमाटांड़ क्यूआरटी का गठन किया गया है, जिसे अपने निकट नियंत्रण में विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक क्यूआरटी को बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, दंगा निरोधी उपकरण के साथ तैयारी हालत में रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा करमाटांड़ एवं नारायणपुर क्यूआरटी हेतु अश्रु गैस दस्ता, वाटर कैनन, नन लेथल वेपंस, वज्रवाहन, वीडियोग्राफर की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*अनुमंडल पदाधिकारी जामताड़ा एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जामताड़ा विधि व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहेंगे।*
वहीं 21 से 24 अक्टूबर तक प्रतिदिन संध्या 04.00 बजे तक अनुमंडल पदाधिकारी एवं एसडीपीओ को संयुक्त खैरियत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिया गया है।
*महत्वपूर्ण दूरभाष सं0 :*
1. उपायुक्त जामताड़ा – 9431130960 (दूरभाष), 06433 – 222435 (कार्यालय दूरभाष)
2. पुलिस अधीक्षक जामताड़ा – 9431130811, 06433- 222021 (कार्यालय दूरभाष)
3. अपर समाहर्ता जामताड़ा – 8210148987
4. अनुमंडल पदाधिकारी जामताड़ा – 9693741777
5. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी – 9470591035
6. पुलिस उपाधीक्षक (मु०) जामताड़ा – 9470591046
7. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नाला – 9523355003