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    Home » मानकी मुंडा अधिकार मंच के द्वारा आयोजित चार दिवसीय पदयात्रा जमशेदपुर पहुंची. जमशेदपुर पहुंचने पर बिरसा मुंडा चौक पर बिरसा मुंडा के मूर्ति के समक्ष झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने सभी पदयात्रियों को माला पहनाकर गरमजोशी के साथ स्वागत किया
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    मानकी मुंडा अधिकार मंच के द्वारा आयोजित चार दिवसीय पदयात्रा जमशेदपुर पहुंची. जमशेदपुर पहुंचने पर बिरसा मुंडा चौक पर बिरसा मुंडा के मूर्ति के समक्ष झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने सभी पदयात्रियों को माला पहनाकर गरमजोशी के साथ स्वागत किया

    Nizam KhanBy Nizam KhanOctober 18, 2023No Comments2 Mins Read
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    जमशेदपुर, मानकी मुंडा अधिकार मंच के द्वारा आयोजित चार दिवसीय पदयात्रा जमशेदपुर पहुंची. जमशेदपुर पहुंचने पर बिरसा मुंडा चौक पर बिरसा मुंडा के मूर्ति के समक्ष झारखंड जनतांत्रिक महासभा ने सभी पदयात्रियों को माला पहनाकर गरमजोशी के साथ स्वागत किया.

    मानकी मुंडा अधिकार मंच के द्वारा मानकी मुंडा अधिकार पदयात्रा 15 अक्टूबर को बहरागोड़ा से प्रारम्भ हुआ 120 किमी पैदल चलने के बाद आज जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यालय पहुंचा

    अधिकार पदयात्रा के रोशन तिर्की ने कहाँ कि 7 सूत्री मांगों को लेकर 120 किमी पैदल चलकर आज चौथे दिन हमलोग उपायुक्त कार्यालय जमशेदपुर पहुंचे है.

    पदयात्रा में लगभग 1000 पदयात्री 120 किमी पैदल चलकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे है. पदयात्रा में महिलाओं का भागीदारी भी काफ़ी संख्या में रहा

    • हो, मुंडारी, कुरुख, संथाली, भाषा को झारखंड का प्रथम राज्य भाषा का दर्जा दिया जाए

    • भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में हो, मुंडारी, भूमिज, कुरुख, भाषा को शामिल किया जाए

    • कोल्हन विश्वविद्यालय में व महाविद्यालय में जनजातीय विषयों हो, मुंडारी, भूमिज, कुरुख, संथाली के शिक्षकों के बैकलॉग पदों को अबिलम्ब भरा जाए

    • हो, मुंडारी, भूमिज, कुरुख, संथाली भाषा अकादमी गठित किया जाए

    • केंद्र सरकार वन संरक्षण अधिनियम 2023 को रद्द करें

    • राज्य सरकार पैसा कानून अधिनियम 1996 एवं आदिवासी सलाहकार परिषद अधिविधि अभिलंब बनाया जाए

    • पूर्वी सिंहभूम के मानकी, मुंडा, डाकुआ, घटवाल, सरदार, नायके, दिवरी, पहान, लाया आदि को सम्मानित राशि दिया जाए

    सहयोगी संगठन आदिवासी मुंडा समाज, आदिवासी हो समाज महासभा, झारखंडी भाषा-भाषी, मूलनिवासी संघ, आदिवासी भूमिज समाज कल्याण समिति, आदिवासी भूमिज मुंडा महाल थे

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