जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की पर्यावरणीय स्वीकृति में तेजी लाने और हाथी मानव संघर्ष के स्थायी समाधान पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
तीन राज्यों के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाने का सांसद ने दिया सुझाव!
जमशेदपुर के सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री आदरणीय श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहित के विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। सांसद ने दोनों मामलों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन भी केंद्रीय मंत्री को सौंपा।
चाकुलिया-डुमरिया क्षेत्र में बढ़ते हाथी उत्पात का मामला प्रमुखता से उठाया!
सांसद श्री महतो ने पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया, डुमरिया सहित ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे क्षेत्रों में जंगली हाथियों के बढ़ते उत्पात और उससे होने वाली जन-धन की क्षति का विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में हाथियों के हमलों के कारण लगभग 47 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा किसानों की फसलों, ग्रामीणों के मकानों और अन्य संपत्तियों को भी लगातार भारी नुकसान हो रहा है।
एलिफेंट कॉरिडोर में व्यवधान से बढ़ी समस्या!
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पश्चिम बंगाल की सीमा पर गहरी खाई खोदे जाने के कारण हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्ग यानी एलिफेंट कॉरिडोर में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। इसके कारण हाथियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और वे कई बार आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं।
उन्होंने इस गंभीर समस्या के स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान के लिए झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों की केंद्र सरकार के स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया, ताकि तीनों राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर हाथियों के आवागमन, सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार की जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को धरातलीय स्थिति का आकलन करने का दिया आश्वासन!
केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सांसद द्वारा उठाए गए विषय को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि संबंधित अधिकारी शीघ्र ही प्रभावित क्षेत्रों की धरातलीय स्थिति का आकलन करेंगे और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएंगे।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की एनओसी प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह!
मुलाकात के दौरान सांसद श्री महतो ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना का विषय भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अपेक्षित एनओसी की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। सांसद ने परिवेश पोर्टल के माध्यम से वन विभाग द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारियों तथा अब तक हुई प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का निर्माण जमशेदपुर सहित झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एयरपोर्ट परियोजना से क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति!
सांसद ने कहा कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में बेहतर हवाई संपर्क स्थापित होगा तथा उद्योग, व्यापार, पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा मिलेगा। इससे तीनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने का दिया भरोसा।
केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित विषय को गंभीरता से लेते हुए सांसद श्री महतो को आश्वस्त किया कि वे मामले को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को यथाशीघ्र आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल करेंगे।
सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने कहा कि जनहित से जुड़े इन दोनों महत्वपूर्ण विषयों के समाधान के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान और विकास परियोजनाओं को गति दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस मुलाकात से क्षेत्रवासियों में आशा की नई किरण जगी है कि जल्द ही धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की पर्यावरणीय स्वीकृति मिलेगी और हाथी-मानव संघर्ष का स्थायी समाधान निकलेगा। दोनों ही मुद्दे जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के विकास और जन सुरक्षा के लिए अहम हैं।

