गुलाब सिंह के ही वंशज महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर का सन 1947 में भारत मे विलय किया:धर्म चन्द्र पोद्दार
पीओके को हस्तगत करना अत्यावश्यक है ।
यह जानकारी देते हुए भारतीय जन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चन्द्र पोद्दार ने बताया कि पीओके हमारा था । सम्पूर्ण जम्मू -कश्मीर के अंतिम महाराजा हरि सिंह ने इसका विलय भारत में किया था । इस प्रकार संपूर्ण जम्मू-कश्मीर (जिसमें पीओके भी आता है) भारत का है ।
कहा कि ऐसे भी देखा जाए तो पीओके में हमारा हजारों वर्ष प्राचीन शारदा माता का मंदिर है ।
पोद्दार ने जानकारी दी कि गत 27 जून 2021 को हमारे द्वारा जो बयान दिया गया था और जो कि अनेक अखबारों में आया था उसमें जम्मू-कश्मीर किस प्रकार भारत का है
4) सन 1846 में अंग्रेज और सिख युद्ध की समाप्ति हुई ।अंग्रेजों को विजय मिली थी उन्होंने पंजाब के सिख सत्ताधारियों से एक करोड़ रुपए की मांग की
पोद्दार ने कहा कि संपूर्ण देशवासियों को कश्मीर के बारे में सही जानकारी होनी हीं चाहिए । इसी को दृष्टिगत रखते हुए हम यहां यह बताना चाहते हैं कि सन 1846 में अंग्रेज और सिख युद्ध की समाप्ति हुई ।
अंग्रेजों को विजय मिली थी । उन्होंने पंजाब के सिख सत्ताधारियों से 1 करोड़ रुपए की मांग की थी । महाराजा गुलाब सिंह 1 करोड़ रुपए देने के लिए प्रस्तुत हुए । उनकी शर्त थी कि जम्मू और कश्मीर का भूभाग स्वतंत्र रूप से उनके अधीन रहे ।
अंग्रेजों ने शर्त स्वीकार की । वह संधिपत्र 16 मार्च 1846 को अमृतसर में संपन्न हुआ ।
इस प्रकार निकटस्थ काल में जम्मू और कश्मीर प्रांत का निर्माण हुआ ।
कहा कि सन 1857 में गुलाब सिंह का देहांत हो गया । उनके पुत्र हरि सिंह ने गद्दी संभाली और 1885 तक गद्दी पर रहे । उनके पश्चात प्रताप सिंह 1915 तक राज करते रहे ।
1915 के बाद महाराजा हरि सिंह ने गद्दी संभाली यहां यह बताना आवश्यक है कि हरि सिंह के दादा का नाम भी हरि सिंह ही था ।
गुलाब सिंह के ही वंशज महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर का सन 1947 में भारत मे विलय किया ।
इस प्रकार संपूर्ण कश्मीर भारत का है । पीओके पर भारत का स्वाभाविक अधिकार है ।
पोद्दार ने कहा कि नापाक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भी दोबारा भारत में मिलाना आवश्यक हो गया है ।
कहा कि हमने जो मांग रखी थी वह अब पूरी होती दिखाई दे रही है । भारत ने अब दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि पीओके समेत संपूर्ण जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को चाहिए कि वह स्थान छोड़ दे ।
इससे भारतीय जन महासभा के सारे लोग हर्षित है ।
कहा कि अभी जो पाकिस्तान ने पीओके में चुनाव करवाने की बात की तो पीओके की अवाम ने उस चुनाव को नकार दिया ।
पीओके की अवाम का कहना है कि हम पाकिस्तान के साथ नहीं हैं । हम भारत के साथ रहेंगे ।
इस प्रकार पीओके की अवाम चाहती है कि वह भारत में फिर से भारत में मिल जाए ।
पीओके तो भारत का ही है । सही मायने में देखा जाए तो इसका विलय तो महाराजा हरि सिंह के समय में ही किया जा चुका है ।
कहा कि हम भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी से पुनश्च आग्रह करते हैं कि अब और देर न की जाए ।
पीओके को शीघ्रातिशीघ्र हस्तगत करने की कार्रवाई करनी चाहिए ।
कहा कि अगर इसको लेकर युद्ध की स्थिति बनती है तो संपूर्ण देश मा० प्रधानमंत्री जी के साथ है ।
यह जानकारी भारतीय जन महासभा के द्वारा जारी की गई एक विज्ञप्ति में दी गई है ।

