मधुबन डबल मर्डर का पर्दाफाश
राष्ट्र संवाद संवादाता
जमीन और जादू-टोना विवाद में दंपति की बेरहमी से हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार
एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, खून से सने कपड़े, तलवार और छूरे बरामद
गिरिडीह: मधुबन थाना क्षेत्र के दलानचलकरी गांव में हुए सनसनीखेज दंपति हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद और जादू-टोना के शक में रची गई इस खौफनाक साजिश में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तलवार, छूरे और खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार 2/3 जून 2026 की रात दलानचलकरी के तिरिलटॉड़ टोला में अपराधियों ने पतिया हांसदा और उनकी पत्नी परनी देवी पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल दंपति की इलाज से पहले ही मौत हो गई थी। इस निर्मम वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ डुमरी मो. आबिद खान के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर की गई गहन जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या के पीछे कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतक के ही गोतिया पक्ष के लोग थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि पारिवारिक भूमि विवाद और जादू-टोना को लेकर लंबे समय से चल रहे तनाव ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि रमेश हांसदा, पाण्डु हांसदा और विजय हांसदा ने धारदार हथियारों से दंपति पर हमला कर उनकी हत्या कर दी, जबकि दोधमा हांसदा, बबलु हांसदा, मोती हांसदा और सिकरा हांसदा ने पूरे अपराध में सहयोग किया।
पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर सभी सात आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक लोहे की तलवार, दो लोहे के छूरे, एक गुलाबी रंग का सूती गमछा तथा खून के धब्बों वाले कपड़े बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों को हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार माना जा रहा है।
गिरफ्तार सभी आरोपी दलानचलकरी गांव के जाहेर टोला के रहने वाले हैं। पुलिस ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच जारी है।
एसआईटी की मेहनत लाई रंग
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसडीपीओ डुमरी मो. आबिद खान, अंचल निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद महतो, मधुबन थाना प्रभारी दीपेश कुमार, खुखरा थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार सिंह, पीरटांड़ थाना के जितेन्द्र सिंह विष्ट, मधुबन थाना के उमेश कुमार सिंह, तकनीकी शाखा के आरक्षी विवेक कुमार सहित सशस्त्र बल और चौकीदारों की अहम भूमिका रही।

