कैरव गांधी अपहरण कांड का खुलासा: सकुशल बरामदगी के बाद छह आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़ में तीन घायल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएच एरिया निवासी 24 वर्षीय युवक कैरव गांधी, पिता देवांग गांधी, का अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इस संबंध में बिष्टुपुर थाना में मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
कांड की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में पाँच विशेष अनुसंधान एवं छापामारी दल गठित किए गए। पुलिस टीमों ने पेशेवर तरीके से जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय आसूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की।
विभिन्न राज्यों की पुलिस से संपर्क कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई।
जांच के दौरान सूचना मिली कि पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ता कैरव गांधी को वाहन बदल-बदल कर अन्य स्थान ले जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर पुलिस ने संभावित मार्गों पर सतर्कता बढ़ाई। लगातार दबाव में आकर अपहरणकर्ता चौपारण–बरही के बीच जीटी रोड पर कैरव गांधी को छोड़कर फरार हो गए, जिन्हें पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बरामद कर लिया और परिजनों के आग्रह पर सुरक्षित उनके आवास तक पहुंचाया।
इसके बाद पुलिस ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की। बिहार पुलिस के सहयोग से गया, पटना एवं नालंदा जिलों में कार्रवाई करते हुए गुड्डू सिंह,उपेंद्र सिंह,अर्जुन सिंह,मो. इमरान,रमीज राजा
मोहन कुमार प्रसाद
को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान सभी ने इस अपहरण कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी गुड्डू, मो. इमरान और रमीज राजा ने बताया कि अपहरण में प्रयुक्त हथियार और गोलियां पुलिस जांच से बचने के लिए सर्किट हाउस साईं मंदिर रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास नाले के किनारे झाड़ियों में फेंक दी गई थीं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मौके से दो देशी कट्टा और .315 बोर की चार गोलियां बरामद कीं।
बरामदगी के बाद जब पुलिस टीम आरोपियों को लेकर वापस लौट रही थी, तभी तीनों अपराधकर्मियों ने अचानक टीम में शामिल आरक्षी हरिपद महतो का सरकारी हथियार छीन लिया। इस दौरान आरोपी मो. इमरान ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी और फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कुल पांच राउंड फायरिंग हुई और तीनों अपराधकर्मियों के पैर में गोली लगी।
पुलिस ने छीना गया सरकारी हथियार सुरक्षित बरामद कर लिया और घायल अपराधकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई


