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    Home » लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को झटका, पटना बैठक में मायावती ने कसा तंज
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    लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को झटका, पटना बैठक में मायावती ने कसा तंज

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 22, 2023No Comments2 Mins Read
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    पटना. विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में लगे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 23 जून का दिन अहम होने जा रहा है। इस बैठक से पहले विपक्षी एकता को एक झटका लगा है, जब राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी ने इस बैठक में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया.

    पटना में नीतीश कुमार के आवास पर विपक्ष दलों के बड़े नेता जुटेंगे और 2024 में मोदी और भाजपा को हराने के लिए रणनीति बनेगी। नीतीश कुमार को इस बैठक से बड़ी उम्मीद है, क्योंकि वो कह चुके हैं कि यदि सभी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा तो भाजपा को 100 सीटें भी नहीं मिलेंगी। पूरे देश की नजर इस पर टिकी है कि बैठक में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल होंगे और क्या सभी मिलकर चुनाव लडऩे पर सहमत होंगे?

     

     

     

    जयंत चौधरी नहीं आएंगे, नीतीश कुमार को लिखी चिट्ठी

    विपक्षी दलों की बैठक में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार को चिट्ठी लिखते हुए अपने पूर्व में निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से इस बैठक में शामिल होने में असमर्थता जाहिर की है। कहा जा रहा है कि यूपी में अखिलेश यादव से अनबन के कारण जयंत बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं।

     

     

     

    दिल मिले न मिले हांथ मिलाते रहिए- मायावती

    नीतीश कुमार की बैठक पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया। बहनजी ने लिखा, महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अशिक्षा, जातीय द्वेष, धार्मिक उन्माद, हिंसा आदि से ग्रस्त देश में बहुजन के त्रस्त हालात से स्पष्ट है कि परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी समतामूलक संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कांग्रेस, बीजेपी जैसी पार्टियों के पास नही। बल्कि अब लोकसभा आम चुनाव के पूर्व विपक्षी पार्टियां जिन मुद्दों को मिलकर उठा रही हैं और ऐसे में श्री नीतीश कुमार द्वारा 23 जून की विपक्षी नेताओं की पटना बैठक दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहिए, की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है। वैसे अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के प्रयास से पहले अगर ये पार्टियां, जनता में उनके प्रति आम विश्वास जगाने की गरज से, अपने गिरेबान में झाँककर अपनी नीयत को थोड़ा पाक-साफ कर लेतीं तो बेहतर होता

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