पेयजल के लिए सरकार नई व्यवस्था लागू कर रही है तो दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था जर्जर ,विभाग का नहीं है ध्यान
निजाम खान
जामताड़ा: गर्मी के दस्तक देते ही जामताड़ा जिला में पेयजल व्यवस्था धीरे धीरे जवाब दे रहे हैं| उल्लेखनीय है सरकार द्वारा घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के लिए नदी में जल मिनार निर्माण हेतु स्थल का भी निरीक्षण किया जा रहा है | गौरतलब है कि एक तरफ जहां पेयजल के लिए नई व्यवस्था आरंभ करने के लिए पहल हो रही है तो दूसरी तरफ पुरानी व्यवस्था जर्जर होती जा रही है| पुरानी व्यवस्था पर विभाग का ध्यान नहीं जाता है| बताते चलें कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में पूर्व में लगभग 15 लघु जल मीनार का निर्माण किया गया है जो बिजली कनेक्शन के तहत ही लोगों के घर तक पानी पहुंचता था |अभी वर्तमान में एक -आध छोड़कर सब के सब जल मीनार खराब पड़े हुए हैं | इस पर विभाग का कोई ध्यान नहीं है| सिर्फ और सिर्फ सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है |इसके बाद 14 वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषद फंड से सोलर युक्त जल मीनार निर्माण किया गया जो अब धीरे-धीरे गर्मी के मौसम में जवाब देने में लगे हैं| बहुत से जल मीनार खराब पड़े हैं तो बहुत से जल मीनार में अनवरत पानी बहता रहता है| वही प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों चापाकल अब तक खराब पड़े हुए हैं | जिसको सुधि लेने वाला इन दिनों को ही नहीं है | गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा चापाकल मरम्मत कराने के लिए कंट्रोल रूम का गठन किया गया है| जिसके तहत कहीं पर भी पेयजल व्यवस्था खराब हो जाने से संपर्क करने पर मरम्मत कराए जाने की बात कही गई है| वही कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के नगरी गांव के दासपाड़ा में जल मीनार में पेयजल के लिए समय सीमा निर्धारण कर देने से ग्रामीणों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|मालूम हो कि ग्रामीण में अधिकतर लोग मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है और सभी मजदूर सुबह 8 बजे जाता है शाम 5 बजे लौटता है |जब मजदूर लोग घर आते हैं पेयजल के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ता है|
क्या कहते हैं भाजपा मंडल अध्यक्ष: कुंडहित प्रखंड में जहां जहां पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं है वहां पेयजल व्यवस्था को विभाग के अधिकारी को शीघ्र दुरुस्त कराए जाने की आवश्यकता है |ताकि लोगों को इस गर्मी में पेयजल के लिए दर-दर भटकना न पड़े और परेशानी से निजात मिल सके | नगरी के दास पाड़ा में जल मीनार का समय सीमा निर्धारण कर देने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है| मजदूर लोग सवेरे 8 बजे काम को जाते हैं और शाम 5 बजे लौटते हैं |ऐसे में मजदूरों के काम करने के दौरान ही पानी मिलता है बाकी समय ग्रामीणों को पानी नहीं मिलता है जिससे काफी दिक्कतें होती है| पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ता है| 1-2 चापाकल छोड़कर गांव के सभी चापाकल खराब पड़े हुए हैं| हालांकि कनीय अभियंता कालीचरण भगत को इस बात की मैंने जानकारी दिया जिसमें श्री भगत ने 3 दिनों के अंदर ही स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया है|
सजल दास, समाजसेवी सह भाजपा कुंडहित मंडल अध्यक्ष|

