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    Home » गरीबों को गर्मी के दिनों में ठंडे पानी से प्यास बुझाने के लिए कुम्हारों ने देसी फ्रिज का कर रहे है निर्माण
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    गरीबों को गर्मी के दिनों में ठंडे पानी से प्यास बुझाने के लिए कुम्हारों ने देसी फ्रिज का कर रहे है निर्माण

    Nizam KhanBy Nizam KhanFebruary 24, 2021No Comments2 Mins Read
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    गरीबों को गर्मी के दिनों में ठंडे पानी से प्यास बुझाने के लिए कुम्हारों ने देसी फ्रिज का कर रहे है निर्माण

    निजाम खान

    जामताड़ा| वसंत ऋतु का आगमन हो चुका है|धीरे-धीरे गर्मी का मौसम भी आ रहा है|सूर्य की रोशनी भी धीरे-धीरे गरमने के कगार पर है|ऐसे में गर्मी के दिनों में लोगों को प्यास बुझाने के लिए ठंडे पानी की आवश्यकता होती है|लेकिन इस गर्मी के दिनों में प्लास्टिक का घड़ा हो,एलुमिनियम का घड़ा हो, या फिर कांसे का घड़ा हो पानी गर्मी के दिनों में गर्म हो जाता है|इस तरह से पानी को ठंडा रखने के लिए अमीर घराने के लोग तो फ्रिज का उपयोग करते हैं|ऐसे में गरीबों के लिए देसी फ्रिज के रूप में एकमात्र मिट्टी का घड़ा ही काम करता है|इसके लिए कुम्हारों ने गरीबों को ठंडे पानी से राहत देने के लिए मिट्टी के घड़े बनाने के काम में लगभग 15 दिन पूर्व से ही काफी जोर-शोर से जुट गए हैं|ताकि लोगों को गर्मी का दिन में मिट्टी के घड़े का ठंडा पानी मिल सके|

    कैसे बनाते हैं मिट्टी का घड़ा: इस संबंध में कुम्हार निवास पाल बताते हैं मिट्टी का घड़ा निर्माण करने के लिए 1 दिन पूर्व से मटियाला मिट्टी को छाई और बालू से अच्छे तरीके से गूंथा जाता है| उसके बाद उसको आकार दिया जाता है| फिर मिट्टी से ही रंग तैयार किया जाता है |उसी रंग को घड़े में लगाया जाता है | अच्छे तरीके से सुखाया जाता है |इसके बाद भट्ठा में डाला जाता है| काकी काफी कम कीमत पर लोगों को मिट्टी का घड़ा दिया जाता है |20-22 रुपया में मिट्टी का घड़ा दिया जाता है| कहा कि सही मायने में देखा जाएतो घड़ा बनाने में जो परिश्रम करना होता है उसका उचित मूल्य भी नहीं मिलता है|लेकिन अपना पेट पालने के लिए इसी से ही काम चलाना पड़ता है|

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