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    Home » डेंगू और चिकनगुनिया से बचाओ के लिए स्वास्थ्य विभाग तत्पर
    Breaking News झारखंड

    डेंगू और चिकनगुनिया से बचाओ के लिए स्वास्थ्य विभाग तत्पर

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 11, 2019No Comments4 Mins Read
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    जमशेदपुर शहर एवं उनके आसपास के क्षेत्र एडिस मच्छर ब्रीडिंग के लिए अनुकूल है, और यहां डेंगू का आउटब्रेक पूर्व में हो चुका है वर्ष 2017 में इसकी संख्या 457 तक पहुंच गई थी । इस वर्ष मरीजो की संख्या घटने की जगह बढ़ती ही जा रही है । अब तक डेंगू रोगियों की संख्या 219 पहुंच गई है । सिविल सर्जन डॉ महेश्वर प्रसाद ने कहा कि कदमा सुनारी गोलमुरी बर्मामाइंस और टेल्को क्षेत्र में सबसे अधिक डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है । उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू से बचाव का एकमात्र कारगर उपाय लोगों में जागरूकता है ।

    डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग संक्रमित मादा एडिस मच्छरों के काटने से फैलता है । एडिस मच्छर हमारे घरों के बर्तनों गमलों पानी के खुले टंकी टूटे हुए प्लास्टिक के बर्तनों एवं अन्य में जमा साफ पानी में अपना अंडा छोड़ता है । यह अपने 14 से 21 दिन के अपने जीवन काल में लगभग 300 अंडे दे सकते हैं एडिस मच्छर घरों में ही रहते हैं क्योंकि उनको अपने प्रजनन के लिए केवल मनुष्य का ही खून की आवश्यकता होती है , यदि वे संक्रमित डेंगू के मच्छर के संपर्क में आते हैं तो वह खुद संक्रमित हो जाते हैं , तथा अन्य को फैला सकते हैं एडिस मच्छर दिन में ही काटते हैं । एडिस मच्छर के अंडे अनुकूल तापमान पर वायरस के साथ या उसके बिना 1 वर्ष या उससे अधिक तक जीवित रह सकती है , यदि किसी क्षेत्र में एक बार डेंगू का आउटबेक हो जाता है तो इसके वापस फैलाने के आसार बने रहते हैं ।

    डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण

    1. तेज बुखार होना , डेंगू में 102-103 डिग्री बुखार आम माना जाता है ।
    2. जोड़ों में मांसपेशियों में एवं हड्डियों में दर्द
    3. जी मिचलाना या घबराहट महसूस होना
    4. शरीर के विभिन्न भागों में लाल चकत्ते होना व खुजलाना
    5. आंखों के पीछे दर्द
    6. थकान आदि

    एडिस मच्छर से बचाव के उपाय

    1. जागरूकता ही बचाव का मूल मंत्र है
    2. एडिस के प्रजनन स्थल की पहचान व समाप्त करना
    3. घर-घर अभियान के तहत लार्वा का खोज व नष्ट करना तथा लोगों को जागरूक करना
    4. एन्टी लारवल एक्टिविटी एवं फोगिंग स्प्रे

    एडिस मच्छर के प्रजनन स्थल

    1. पुराने टायर
    2. कपड़े धोने का टॉप
    3. बिना ढके गड्ढे
    4. नहीं इस्तेमाल में ना आने वाले बाल्टीयों और कंटेनर
    5. पालतू जानवरों के बर्तन
    6. निर्माण स्थान जहां पानी जमा हो सके
    7. पुराने जूते , फूलदान , छत की नाली , बगीचे के कंटेनर उपकरण एवं अन्य

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य

    स्वास्थ्य विभाग (जिला मलेरिया एवं फाइलेरिया इकाई) डॉ एक के लाल ने बताया कि छ: टीम गठित कर दो दो टीम के द्वारा मानगो जुगसलाई एवं साकची क्षेत्र में एडिस मच्छर के लार्वा की खोज एवं नष्ट किया जा रहा है । सभी धनात्मक रोगियों के निवास स्थान के आसपास के क्षेत्रों में जूस्को पोषित क्षेत्र को छोड़ कर विभाग अपनी टीम भेजकर नियंत्रण एवं निरोधात्मक कार्य निष्ठा पूर्वक कर रही है । जुस्को एवं टेल्को क्षेत्र के संबंधित एजेंसी को सभी धनात्मक रोगियों की सूची भेजी जा रही है , तथा उन्हें
    निरोधात्मक कार्य कर प्रतिवेदिक करने का निर्देश दिया गया है सभी शहरी निकाय के साथ विशेष बैठक कर उनके अधीनस्थ क्षेत्रों के कार्यरत सभी सखी मंडल एवं सहायक समूह की महिलाओं को घर-घर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है । उन्हेंं डेंगू के बचाव हेतु बड़ा फ्लेक्स बैनर उपलब्ध कराया गया है , डेंगू की रोकथाम से संबंधित जिंगल उपलब्ध कराते हुए प्रचार वाहन से माय किंग करानेेे का निर्देश दिया गया है ।

    डेंगू की रोकथाम में आने वाले समस्या

    डेंगू के प्रसार बहुत तेजी से होता है , अतः उसके रोकथाम हेतु व्यापक प्रयास किया जाना आवश्यक है इस कार्य हेतु सभी लोगों की भागीदारी अनिवार्य है । वर्ष 2017 – 2018 एवं 2019 में विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्य एवं घर-घर अभियान के द्वारा लोगों को जागरूक किया गया ।

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