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    भारत और ऑस्ट्रेलिया ने नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी शुरू की

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 20, 2024No Comments4 Mins Read
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    भारत और ऑस्ट्रेलिया ने नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी शुरू की

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को यहां वार्ता की तथा दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में दोतरफा निवेश को बढ़ावा देना है।

    दोनों नेताओं ने यहां जी20 शिखर सम्मेलन से इतर द्वितीय भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया । उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, कौशल, खेल, अंतरिक्ष, और लोगों के आपसी संबंधों जैसे विविध क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    दोनों नेताओं ने प्रथम भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान बनी सहमति के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी (आरईपी) की शुरुआत का स्वागत किया।

     

     

     

    वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया,‘‘भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझा महत्वाकांक्षा है कि वे तेजी से आगे बढ़ें, साथ मिलकर काम करें तथा जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पूरक क्षमताओं का उपयोग करें।’’

    अल्बनीज ने कहा, ‘‘हमारी नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।’’

    उन्होंने कहा कि इस नयी साझेदारी से सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय कार्यबल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में दोतरफा निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

    विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज ने आज रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर दूसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर बैठक में भाग लिया।’’

     

     

     

    इसमें कहा गया, ‘‘ दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार और निवेश, शिक्षा, कौशल, खेल, अंतरिक्ष, गतिशीलता और लोगों के बीच संबंधों जैसे असंख्य क्षेत्रों में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’

    विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा साझेदारी (आरईपी) की शुरुआत का स्वागत किया जिसकी सहमति प्रथम भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान बनी थी।’’

    संयुक्त बयान में कहा गया कि वे ‘‘ दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग के दीर्घकालिक दृष्टिकोण की आशा करते हैं ताकि सामूहिक शक्ति में वृद्धि हो, दोनों देशों की सुरक्षा में योगदान हो तथा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सके।’’

    बयान में कहा गया कि मोदी और अल्बनीज ने, ‘‘ रक्षा सहयोग को गहरा करने, साझा चिंताओं और चुनौतियों का समाधान करने तथा एक खुले, समावेशी, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में काम करने के लिए समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और पारस्परिक रक्षा सूचना साझा करने की व्यवस्था का भी स्वागत किया।’’

     

     

     

    मोदी ने कहा, ‘‘ हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और हम ऐसा करना जारी रखेंगे।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘ हमने वैश्विक संघर्षों और तनावों को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया है। हम अगले साल अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी सहमत हैं।’’

    मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बारे में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री अल्बनीज ने मुझे भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया है।’’

    हाल में बेंगलुरू में आस्ट्रेलिया का नया महावाणिज्य दूतावास तथा ब्रिस्बेन में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास भी खोला गया है।

    दोनों नेताओं ने इन नए महावाणिज्य दूतावास खोले जाने का स्वागत किया तथा ‘‘विश्वास व्यक्त किया कि इससे व्यापार और निवेश संबंध अधिक मजबूत होंगे तथा सांस्कृतिक संबंध और गहरे होंगे।’’

    मोदी ने बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ मेरे अच्छे मित्र प्रधानमंत्री अल्बनीज से मिलना हमेशा अद्भुत होता है। वार्ता अत्यंत फलदायी रही और हमारा ध्यान भविष्य के क्षेत्रों पर रहेगा, जो वैश्विक विकास और स्थिरता को आगे बढ़ाएंगे।’’

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