Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ज्ञानवापी सर्वे मामले में सुनवाई पूरी, तीन अगस्‍त को आएगा फैसला
    Breaking News Headlines राजनीति

    ज्ञानवापी सर्वे मामले में सुनवाई पूरी, तीन अगस्‍त को आएगा फैसला

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 28, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    ज्ञानवापी सर्वे मामले में सुनवाई पूरी, तीन अगस्‍त को आएगा फैसला
    नई दिल्ली. वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के वैज्ञानिक सर्वे मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने गुरुवार को सुनवाई पूरी कर ली। करीब पौने पांच बजे सुनवाई पूरी होने पर उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा। तब तक सर्वे पर रोक लगी रहेगी। इससे पहले मंदिर व मस्जिद पक्ष ने जमकर बहस की। विधिक तथ्यों संग ऐतिहासिक तथ्य रखे गए।

     

     

     

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण व राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा। मंदिर पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि मंदिर शिखर को गुंबद से और ज्योतिलिंग को नए निर्माण से ढांका गया है। 16 मई 2022 को एडवोकेट कमिश्नर ने सर्वे किया। कई तथ्य सामने आये। पिलर पर स्वास्तिक है, हिंदू मंदिर के चिह्न मिले हैं। उन्होंने कहा कि एएसआइ के पास इंस्ट्रूमेंट है,जांच कर सकती है। विशेषज्ञ इंजीनियर इनके पास है। राम मंदिर केस में ऐसा किया गया।

     

     

     

    मस्जिद पक्ष ने यह बात दोहराई कि प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 में वाद पोषणीय नहीं। परिवर्तन प्रतिबंधित है।अंजुमन इंतेजामिया वाराणसी की तरफ से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने कहा क‍ि धार्मिक स्थलों की 15 अगस्त 47 की स्थिति में बदलाव पर रोक है। एक्ट की धारा तीन के तहत कोई व्यक्ति पूजा स्थल की प्रकृति में बदलाव नहीं कर सकेगा। 2021 में दायर वाद इस एक्ट (प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट) से बार है, पोषणीय नहीं है। खारिज होने योग्य है। 1947 से भवन की यही स्थिति है, जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। साक्ष्य इकट्ठा करने की कोशिश है एएसआई जांच की मांग।

     

     

     

    थर्ड पार्टी साक्ष्य इकट्ठा करने की मांग कर रही वाद दाखिल कर। अर्जी में खुदाई की मांग है और अदालत के आदेश में भी खुदाई का जिक्र है। कोर्ट साक्ष्य नहीं इकट्ठा कर सकती। वादी को साक्ष्य पेश करने होंगे। इससे पूर्व वादिनी (राखी सिंह व अन्य) के वकील प्रभाष त्रिपाठी ने कहा कि फोटोग्राफ हैं, जिससे साफ है कि मंदिर है। हाई कोर्ट ने फैसले में कहा है वादी को श्रंगार गौरी, हनुमान ,गणेश की पूजा दर्शन का विधिक अधिकार है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराज्यसभा से पास हुआ सिनेमैटोग्राफ संशोधन विधेयक, फिल्म इंडस्ट्री में पायरेसी पर लगेगी रोक
    Next Article मुहर्रम से पहले सीरिया में बम धमाका, 6 मरे, शिया धार्मिक स्थल को बनाया निशाना

    Related Posts

    बिजली नहीं रहने से भीषण गर्मी में सड़क किनारे सोये लोगों को ट्रैक्टर ने कुचला, 7 घायल

    June 8, 2026

    झारखंड में नितिन नवीन का स्वागत: संगठन को नई दिशा

    June 7, 2026

    मुंबई में सोने की तस्करी: 5 करोड़ की खेप जब्त, BJP नेता गिरफ्तार

    June 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बिजली नहीं रहने से भीषण गर्मी में सड़क किनारे सोये लोगों को ट्रैक्टर ने कुचला, 7 घायल

    दैनिक पंचांग एवं राशिफल: 08 जून 2026, शुभ-अशुभ मुहूर्त

    झारखंड में नितिन नवीन का स्वागत: संगठन को नई दिशा

    पटना में कोचिंग वॉर: छात्रों का भविष्य दांव पर!

    जमशेदपुर: 100+ ATM सिक्योरिटी गार्ड्स को निकाला, सरयू राय मदद को आगे

    मुंबई में सोने की तस्करी: 5 करोड़ की खेप जब्त, BJP नेता गिरफ्तार

    ब्रेन ट्यूमर: नई उम्मीदें, बेहतर उपचार और समय पर पहचान

    जीवन की कीली: तनाव मुक्त रहने का अद्भुत रहस्य

    भाजपा में सोशल मीडिया की प्रभावी भूमिका: नितिन नवीन ने सराहा

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठनात्मक बैठक में सोशल मीडिया की प्रभावी भूमिका को सराहा, दिनेश कुमार का किया उल्लेख।

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.