क्या भाजपा की स्थिति इतनी कमजोर हो गई कि अपना प्रत्याशी भी नहीं उतार सकी?”
राष्ट्र संवाद संवादाता
जामताड़ा जिले के दुलायडीह नगर भवन में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा जिला स्तरीय बूथ सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन में झामुमो कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्रीय महासचिव का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।
सम्मेलन में जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू, जिला उपाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल, जिला उपाध्यक्ष रविंद्र नाथ दुबे, प्रोफेसर कैलाश प्रसाद, इम्तियाज अंसारी, जिला सचिव परेश यादव, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार मंडल, लालू अंसारी, वासुदेव मरांडी, सगीर खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने कार्यकर्ताओं को बीएलओ-2 के प्रशिक्षण तथा बूथ कमेटियों को मजबूत और प्रभावी ढंग से संचालन करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें वर्तमान राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए विनोद पांडे ने कहा कि पार्टी का स्पष्ट निर्देश है कि बूथ स्तर के कार्यकर्ता मतदाता सूची से पात्र लोगों का नाम कटने नहीं दें और इस संबंध में सतर्क रहकर काम करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को भविष्य में आने वाली चुनौतियों और संगठन की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय महासचिव ने कहा कि राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है और इंडिया गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देकर राज्य का राजनीतिक माहौल खराब करने का काम किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा की स्थिति ऐसी हो गई है कि वह राज्य में अपना राज्यसभा प्रत्याशी तक नहीं उतार सकती।
इस दौरान झामुमो नेता सह कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार मंडल ने कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया वहीं केंद्रीय महासचिव के द्वारा दिए गए निर्देशों का बूथ स्तर पर पालन करने और संगठन को मजबूत करने की बात कही।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने मंच साझा करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने को लेकर अपने विचार रखे।

