Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » यूसिल में 35 लाख की लागत से बनी गेट अधूरा घायल हो रहे हे लोग
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    यूसिल में 35 लाख की लागत से बनी गेट अधूरा घायल हो रहे हे लोग

    Aman OjhaBy Aman OjhaJune 22, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    यूसील जादूगोड़ा अस्पताल के सामने 35 लाख की लागत से बन रहा मुख्य गेट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। काम शुरू हुए 8 महीने बीत गए, लेकिन गेट आज भी अधूरा पड़ा है। अधूरे पिलर, निकली हुई सरिया और बिखरा मलबा अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए जानलेवा बन गया है। रोजाना 4-5 लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।

     

    35 लाख खर्च, फिर भी गेट नहीं 

    यूसील प्रबंधन ने अस्पताल की सुरक्षा और सुंदरीकरण के लिए 35 लाख रुपये से मुख्य गेट बनाने का टेंडर दिया था। ठेकेदार ने 6 महीने में काम पूरा करने का दावा किया था। 8 महीने बाद हालत यह है कि सिर्फ अधूरे पिलर खड़े हैं। छत नहीं डाली गई। सरिया बाहर निकले हैं। गेट के पास ईंट, गिट्टी और ड्रम पड़े हैं।

     

    मरीजों की जान से खिलवाड़

    अस्पताल में रोज 200 से ज्यादा मरीज आते हैं। अधूरे गेट के पास न चेतावनी बोर्ड है, न बैरिकेडिंग। रात में अंधेरा होने से लोग सरिया से टकराकर गिर जाते हैं। पिछले एक हफ्ते में 12 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

    स्थानीय निवासी सुनील महतो ने बताया, “अस्पताल इलाज कराने आते हैं, यहां उल्टा चोट लग जाती है। बच्चे-बूढ़े सब गिर रहे हैं। यूसील प्रबंधन को दिखता नहीं क्या?”

    काम बंद किए कई महीने हो गए। यूसील के सिविल विभाग ने भी आंखें मूंद ली हैं।

    वही विस्थापित महिला आशा उरांव के द्वारा भी अपनी जमीन पर मुख्य गेट बनाए जाने को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि यूसील सिर्फ यूरेनियम निकालना जानता है, जनता की सुरक्षा से कोई मतलब नही हे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleगैलेक्सी एक्सपोर्ट्स में बॉयलर ब्लास्ट के विरोध में ग्रामीणों व कामगारों का धरना
    Next Article 18 महीने से 262 मजदूरों का 25 दिन का बकाया का नहीं हुआ भुगतान। मजदूर करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत

    Related Posts

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    June 22, 2026

    पेट्रोल की गुणवत्ता जांच की मांग को लेकर जदयू ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    June 22, 2026

    मानवाधिकार सहयोग संघ भारत की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    NEET UG पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा: 30+ गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    अंबरनाथ पुलिस मानवीय चेहरा: NEET छात्रा का भविष्य संवारा

    पेट्रोल की गुणवत्ता जांच की मांग को लेकर जदयू ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    मानवाधिकार सहयोग संघ भारत की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर

    युद्धविराम से आगे: क्या विश्व अहिंसा की ओर बढ़ेगा?

    कॉलेजियम व्यवस्था: न्यायिक मर्यादा और पारदर्शिता का संतुलन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.