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    Home » 18 महीने से 262 मजदूरों का 25 दिन का बकाया का नहीं हुआ भुगतान। मजदूर करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    18 महीने से 262 मजदूरों का 25 दिन का बकाया का नहीं हुआ भुगतान। मजदूर करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत

    Aman OjhaBy Aman OjhaJune 22, 2026No Comments4 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवादाता

     

    स्वासपुर स्थित कॉन्स्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में काम कर चुके 262 ठेका मजदूरों का दर्द 18 महीने बाद भी कम नहीं हुआ। जनवरी 2025 में आउटसोर्सिंग कंपनी ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल प्राइवेट सिक्योरिटी लिमिटेड ने 262 मजदूरों को काम से निकाल दिया, लेकिन लगभग 15 दिन की मजदूरी, करीब 15 लाख रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया।

     

    क्या है पूरा मामला 

    जनवरी 2025 में सीटीसी में ट्रेनिंग शुरू होने से पहले मजदूरों से 25 दिन काम कराया गया। वादा था कि ट्रेनिंग के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन ट्रेनिंग शुरू होते ही सभी 262 मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। कंपनी ने 15 दिन का वेतन रोक लिया। तब से मजदूर बेरोजगारी और भुखमरी की कगार पर हैं।

     

    मजदूरों का आरोप: वादाखिलाफी और शोषण  

    बेरोजगार महिला मजदूर ललिता ने बताया, “सीटीसी खुलने के समय प्रबंधन ने रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन हम लोगों को बेरोजगार कर दिया गया। घर में खाने को भी लाले पड़े हैं।” किसान अजय कुमार ने कहा, “सीटीसी खुलने की आस में हमने खेती छोड़ दी थी। अब न नौकरी है, न खेत। दर-दर भटक रहे हैं।”

     

    जवानों का आरोप है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी पासिंग आउट नहीं किया जा रहा। कैंपस में काफी महंगा समान खरीदना पड़ रहा हे जिससे आर्थिक परेशानी हो रही हे।

     

    मुखिया ने उठाए सवाल, एसपी-प्रशासन पर भी निशाना

    मुखिया ने कहा, “एक साल बीत गया, लेकिन मजदूरों को उनका हक नहीं मिला। 15 लाख रुपये कोई छोटी रकम नहीं है। यह गरीबों का खून-पसीना है। सीटीसी प्रबंधन जानबूझकर भुगतान टाल रहा है।”

     

    मुखिया ने जिला प्रशासन और एसपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। “मजदूरों ने कई बार आवेदन दिया, पुलिस मुख्यालय तक शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बनती कि गरीबों को उनका हक दिलाए? एसपी साहब को खुद संज्ञान लेना चाहिए था।”

    उन्होंने कहा कि पहले यहां मजदूर जनप्रतिनिधियों के जानकारी देने के बाद लिया जाता था लेकिन अब बिना जानकारी के ही मजदूर को रख लिया जा रहा है।

    *वहीं आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं। मजदूरों का कहना है कि अगर 10 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो वे सीटीसी गेट पर धरना देंगे।

    मजदूर और ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री की आने के समाचार है जिससे ग्रामीणों में काफी खुशी है वही ग्रामीणों को का कहना है कि सीटीसी प्रबंधन की शिकायत भी की जाएगी और मजदूरों के समस्या से अवगत कराया जाएगा जिससे मुख्यमंत्री ग्रामीण की समस्या को समाधान कर सके।

    *बड़ा सवाल*

    1. जब स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा था तो बाहरी लोगों को क्यों रखा गया?

    2. 1 साल बाद भी 15 लाख का भुगतान क्यों रुका है?

    3. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी जवानों की पासिंग आउट क्यों नहीं हो रही?

    4. मजदूरों की शिकायत पर एसपी और जिला प्रशासन ने अब तक क्यों करवाई नहीं किया।

    आसपास के दुकानदारों का कहना है कि गेट नंबर 2 को भी बंद कर दिया गया है जिसे भी ग्रामीणों को भी परेशानी होती है वहीं जवान भी परेशान हो रहे हैं।

    जिला बी सूत्री के सदस्य सुशेन कालिंदी का कहना है कि सीटीसी में मनमर्जी काम हो रहा है आसपास के ग्रामीणों को कोई रोजगार नहीं मिल पा रही है जबकि सीटीसी खुलने के समय कई तरह के वादे किए गए थे।

    ट्रेनिंग कर रहे जवानों का आरोप है कि यहां एक जवान बजरंगी यादव को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गई थी सी टी सी के अंदर इलाज का कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।

    आउटसोर्स कंपनी की बहाली नहीं होने के कारण जवानों को भी काफी परेशानी होती है ट्रेनिंग में वाधा हो रहा है सभी काम अपने करने पड़ रहे हे।

    पंचायत के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि 15 लाख रुपया कहां गायब हो गया है इसकी जांच होनी चाहिए साथ-साथ यह कोई ट्रेजरी घोटाला से जुड़ा मामला तो नहीं हे।

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