मारपीट होने से शांति देवी की हुई मौत
संवाददाता- विवेक चौबे
गढ़वा : जिले के कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटहेरिया पँचायत के भरत पहाड़ी गांव निवासी मुंद्रिका विश्वकर्मा की 55 वर्षीया पत्नी शांति देवी की मौत हो गई। उसकी मौत रविवार की सुबह तकरीबन 08 बजे हो गई।परिजनों ने पड़ोसी के द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे शांति देवी की मौत हो गई है। उसकी मौत होने के साढ़े बाइस घंटे बाद सोमवार की सुबह 8:35 बजे पुलिस ने मृतका के घर पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गढ़वा भेज दिया।
एसआइ प्रबल कुमार महतो ने पुलिसिया कार्यवाई पूरी की। वहीं मृतका के पति मुंद्रिका विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार की दोपहर में अपनी खेत मे मैं घोरान कर रहा था। इसी दौरान बगलगीर द्वारा झगड़ा-झंझट किया जाने लगा। इसके बाद हमलोग घोरान करना बंद कर दिए। मृतका के पति ने आरोप लगाते हुए कहा कि शुक्रवार की देर शाम में राकेश विश्वकर्मा, पिंटू विश्वकर्मा, चंदन विश्वकर्मा व प्रमिला देवी ने मुझे व मेरी पत्नी शांति देवी एवं पुतोहु गुड्डन देवी के साथ मारपीट की गई। इस दौरान मृतका के कोई भी पुत्र उस समय घर पर नहीं थे। मृतका के पति ने बताया कि मारपीट होने के बाद शनिवार को कांडी थाना में लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन जांच में पुलिस समय पर घटना स्थल पर नहीं पहुंची। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि किन कारणों से पुलिस घटना स्थल पर समय पर नहीं पहुंची,
यह संदेह वाली बात है। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी की मौत रविवार की सुबह में लगभग 08 बजे हो गई थी, लेकिन पुलिस साढ़े 22 घंटे बाद दूसरे दिन सोमवार को 8:35 बजे पहुंची। इस विलम्ब के पीछे पुलिस प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है। परिजनों ने विचौलिया कुशहा गांव निवासी राकेश ठाकुर पर 20 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है। जबकि इस संबंध में राकेश से पूछे जाने पर उसने कहा कि पैसे की मांग का आरोप गलत व निराधार है। जबकी मृतका के परिजनों ने जल्द इंसाफ की मांग की है।
मौके पर मुखिया अनिता देवी, उप मुखिया अतीस सिंह, गोरखनाथ सिंह, पूर्व बीडीसी ऊदल राम, बीडीसी प्रतिनिधि पप्पू कुमार, सूर्यदेव सिंह, जगदीश सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। बता दें कि अंतिम संस्कार कोयल नदी में सोमवार की शाम में सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

