बोधि मैदान में चतुर्थ बाल मेला 2025: खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों का जोश, संगोष्ठी में बाल अधिकारों पर गंभीर मंथन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। साकची स्थित बोधि मैदान में चल रहे चतुर्थ बाल मेला 2025 के तीसरे दिन विविध खेलकूद प्रतियोगिताओं और बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम पर आयोजित संगोष्ठी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। पूरे दिन ताइक्वांडो, दौड़, तीन टांग दौड़, थ्रो बॉल, स्किपिंग, बोरा दौड़ सहित कई प्रतियोगिताओं में 150 से अधिक स्कूलों के सैकड़ों बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मेडल जीते।

50 मीटर दौड़, थ्रो बॉल तथा विभिन्न आयु वर्गों की ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। कई विधाओं में दर्जनों बच्चे प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे, जिनका सम्मान स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट व समाजसेवियों द्वारा किया गया।
इसी दौरान आयोजित बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम विषयक संगोष्ठी में झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस.एन. पाठक, चंद्रदीप पांडेय, विकास दोदराजका, प्रभा जायसवाल, एडवोकेट अनिल कुमार समेत कई विशेषज्ञों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बाल श्रम, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, नैतिक शिक्षा, बच्चों में बढ़ती हिंसा, नशे की समस्या और बाल अधिकारों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
न्यायमूर्ति पाठक ने नैतिक शिक्षा को आवश्यक बताते हुए मोरल साइंस में 75% अंक अनिवार्य करने का सुझाव दिया, जबकि अन्य वक्ताओं ने बच्चों के मोबाइल-निर्भर बचपन, कानूनों के प्रति जागरूकता, शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने समाज और प्रशासन दोनों से बाल अधिकारों के पालन, बच्चों की सुरक्षा और उन्हें नशा-मुक्त, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया। चतुर्थ बाल मेला का यह दिन बच्चों के उमंग भरे खेलों और सार्थक संवाद का सशक्त संगम साबित हुआ।

