कोरोना काल में देवदूत बने डॉ शाहिर पॉल, दिन-रात जुटे हैं टीम भावना की बदौलत जमशेदपुर को कोरोना मुक्त बनाने में
कोविड की इस महामारी के बीच डॉक्टर शाहिर पॉल न केवल स्वास्थ्य विभाग में टीम भावना जागृत कर रहे हैं बल्कि अपने अनुभव से कोविड-19 के संक्रमण से लड़ने की लोगों को हौसला भी दे रहे हैं और जागरूक भी कर रहे हैं खुद संक्रमित होकर कोरोना मरीजों का इलाज टीकाकरण पर जोर दे दिया दूरभाष पर सलाह भी दी
कोरोना काल (COVID-19) में धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों को लेकर भले ही सोशल मीडिया पर कई तरह के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इन सबके बीच जमशेदपुर के ACMO डॉक्टर साहिर पॉल न केवल खुद कोविड पाजिटिव की होने के बावजूद अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें बल्कि अपने पूरे स्टाफ का भी हौसला बढ़ा रहे हैं. दरअसल कोविड का जब संक्रमण बढ़ा तो डॉक्टर का पूरा परिवार भी महामारी के चपेट में आ गया था
इन दिनों पूरा देश कोविड-19 की सेकेंड वेब के संक्रमण की मार को झेल रहा है. लेकिन इस संक्रमण से लोगों को बचाने का काम धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर और मेडिकल टीमें कर रही हैं. हांलाकि मरीजों के इलाज के दौरान मेडिकल टीमों को भी कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है
कल पढ़े उनकी टीम भावना के अनछुए पहलुओं को—–

