
लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो
धनतेरस पर उपहारों की सौगात से रोशन हुआ विद्यालय परिवार, दीपावली की खुशियां बांटीं। बेगूसराय स्थित सावित्री देवी मारवाड़ी उच्च विद्यालय तेघड़ा सह गैलेक्सी कॉन्वेंट में इस वर्ष का धनतेरस पर्व बेहद खास और यादगार रहा। विद्यालय की अध्यक्षा नीलम अग्रवाल ने बड़ी आत्मीयता के साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय परिवार के अन्य कर्मियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और उन्हें आकर्षक उपहार व मिठाइयां प्रदान कीं। यह पहल न केवल त्यौहार की खुशियों को दोगुना कर गई, बल्कि संस्था के प्रति कर्मचारियों के समर्पण और सम्मान को भी दर्शाती है।
धनतेरस पर उपहारों की सौगात का महत्व
पर्व के इस पावन मौके पर विद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यक्षा नीलम अग्रवाल ने सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि धनतेरस केवल भौतिक धन के आगमन का पर्व नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम और सामंजस्य का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी यहां के समर्पित शिक्षक और कर्मचारी हैं, जिनके निरंतर प्रयासों से संस्थान शैक्षणिक उन्नति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
इस अवसर पर मधु अग्रवाल, प्राचार्या नूतन कुमारी, गैलेक्सी कॉन्वेंट के प्राचार्य सुनील सिंह, भुवनेश्वर कुमार, संजीव कुमार, और उषा देवी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभी ने इस सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व का आनंद लिया।
शिक्षण और सम्मान का संगम
कार्यक्रम के दौरान यह चर्चा की गई कि शिक्षा का मंदिर तब और भी अधिक प्रकाशित होता है जब उसे प्रबंधकीय स्तर से सराहना मिलती है। नीलम अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक प्रगति के लिए विद्यार्थियों का अनुशासन और शिक्षकों की मेहनत सर्वोपरि है। धनतेरस पर उपहारों की सौगात देने का मुख्य उद्देश्य यही था कि पूरे विद्यालय परिवार को यह महसूस हो कि उनका योगदान विद्यालय की प्रगति में अमूल्य है।
विद्यालय की प्राचार्या नूतन कुमारी ने प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से संस्थान के भीतर एक परिवार जैसा माहौल बना रहता है। यह सकारात्मक ऊर्जा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सीधे तौर पर सहायक सिद्ध होती है। उपस्थित शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की और संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी पूरे समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते रहेंगे।
अंत में, सभी ने मिलकर दीपावली के उत्सव को भव्य बनाने की योजना पर चर्चा की और शांति व सुख-समृद्धि के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का संकल्प लिया। पूरा विद्यालय परिसर मिठाइयों की मिठास और उपहारों की खुशियों से सराबोर रहा, जो वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रहा था।

