जामताड़ा: एनजीटी के रोक के बावजूद नदी के अवैध बालू के इस्तेमाल से करोड़ों रूपए की लागत से बन रहे सड़क का हो रहा है ढलाई
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: जिला के कुंडहित प्रखंड अंतर्गत खजुरी से मुड़ाबेड़िया तक लगभग 10 किलोमीटर मुख्य सड़क करोड़ों रूपए से निर्माण हो रहा है जिसमें बड़ा लापरवाही बरती जा रही है।सारे कायदे-कानून को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।कार्यशैली से पता चल रहा है किसी प्रकार का कोई भय नही है।अब आते है मुद्दे की बात पर। दर असल इस सड़क निर्माण में ढलाई के कार्य में अवैध बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है।एनजीटी के रोक के बावजूद भी नदी से अवैध रूप से उठ रहे बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है।बताते चले अवैध बालू को ट्रैक्टर के सहारे डंप भी करता देखा गया।बड़े पैमाने पर अवैध बालू का डंप भी देख सकते है।इस मसले पर कथित तौर पर मुंशी संजय का कहना है अवैध बालू का ही इस्तेमाल किया जायेगा।कथित मुंशी संजय को कानून का भय बिल्कुल नही है।यही नही सड़क निर्माण में और भी लापरवाही देखने को मिला।आप देख सकते है लाईकापुर में ढलाई का कार्य में कोई विभागीय कर्मी व पदाधिकारी मौजूद नही है।इस संबंध में जेई राघवेंदर यादव से बात किया गया तो कहा वे दूसरे साइड पालाजोड़ी पर है।यही नही ढलाई पर पानी भी नही दिया गया है।ढलाई सुखा नजर आया।ढलाई कर मिट्टी डाल दिया गया है।बारीष होने पर स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही।जेई राघवेंदर का कहना है मिट्टी डालने से पानी देने से ज्यादा देर मिट्टी भींगा रहेगा जिससे ढलाई मजबूत होगा पर स्थानीय लोगों की माने तो ढलाई पर बालू देकर भी समय समय पर पानी देने से स्थानीय लोगों को जो समस्या हो रही है आवाजाही में व नही होती।अब सवाल यह है इस सड़क पर इतने बड़े पैमाने पर आखिर कैसे लापरवाही बरती जा रही है।अब तो स्थानीय लोगों की निगाह जिला प्रशासन पर टिकी हुई है कि क्या जिला प्रशासन इस मामले पर संज्ञान लेकर कार्यवाही करेंगे।फिलहाल उम्मीद है जिला प्रशासन मामले पर जरूर संज्ञान लेंगे।लेकिन देखना दिलचस्प रहेगा जिला प्रशासन कबतक मामले पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करते है।

