Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मुसाबनी के भालूबासा टोला में उपायुक्त का जनसंवाद, समस्याओं के समाधान का भरोसा
    जमशेदपुर झारखंड

    मुसाबनी के भालूबासा टोला में उपायुक्त का जनसंवाद, समस्याओं के समाधान का भरोसा

    Aman OjhaBy Aman OjhaMarch 23, 2026No Comments1 Min Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    मुसाबनी प्रखंड के फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत अंतर्गत भालूबासा टोला में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। उपायुक्त ने भालूबासा समेत आसपास के कई गांवों के लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया।

    ग्रामीणों ने एम्बुलेंस और ममता वाहन की कमी, मोबाइल नेटवर्क, जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में देरी जैसी समस्याएं उठाईं। इस पर उपायुक्त ने एचसीएल के सीएसआर फंड से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने, मोबाइल टावर के लिए स्थान चिन्हित करने और लापरवाही पर पंचायत सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

    उन्होंने दो अनाथ बच्चों से मिलकर उनकी शिक्षा के लिए सरकारी योजना के तहत मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही क्षेत्र भ्रमण के दौरान दोलमाबेड़ा झरना का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने मिनी आंगनबाड़ी, सड़क निर्माण, पर्यटन विकास और दस्तावेज संबंधित समस्याएं भी रखीं, जिन पर उपायुक्त ने हर संभव समाधान का भरोसा दिया।

    मौके पर मुखिया पोरमा बानरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleघाटशिला कॉलेज में उपायुक्त का छात्रों से संवाद, सफलता के मूल मंत्र साझा किए
    Next Article जमशेदपुर में कांग्रेस का शहीद दिवस आयोजन, भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को नमन

    Related Posts

    श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई के शताब्दी वर्ष पर धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 21 जून को

    June 13, 2026

    बाघराय मार्डी का आंदोलन लाया रंग, UCIL स्कूलों में अब गरीब बच्चों को भी मिलेगा दाखिला

    June 13, 2026

    दिवाकर सिंह ने कांड्रा आरपीएफ प्रभारी के रूप में योगदान दिया

    June 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई के शताब्दी वर्ष पर धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 21 जून को

    बाघराय मार्डी का आंदोलन लाया रंग, UCIL स्कूलों में अब गरीब बच्चों को भी मिलेगा दाखिला

    दिवाकर सिंह ने कांड्रा आरपीएफ प्रभारी के रूप में योगदान दिया

    संवाद 2026 युवा संसद का सफल समापन, परीक्षा सुधार पर बिल हुआ पारित

    गम्हरिया प्रखंड के दौरे पर पहुंची सांसद जोबा माझी ने अधिकारियों संग बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की

    टाटानगर में राज दीदी का दो दिवसीय आध्यात्मिक महाआयोजन, ‘रेडिएंट स्टार्स’ और ‘कुबेर का खजाना’ कार्यक्रम 4-5 जुलाई को

    15 जून से शुरू होगा कोल्हान का प्रसिद्ध पांच दिवसीय हरिणा मेला, भोक्ताडांग के साथ गांव-गांव दिया जा रहा आमंत्रण

    संताली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे वार्ता : संजीव सरदार

    कोवाली में निर्माणाधीन पुलिया पर रेडियम तथा बांस घेरा लगाना अतिआवश्यक

    संताली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे वार्ता : संजीव सरदार राष्ट्र संवाद संवाददाता पोटका, 13 जून: संताली भाषा, अलचिकी लिपि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित संताली समर कैंप-2026 का भव्य समापन शनिवार को पावड़ा स्थित माझी परगना माहाल भवन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता धाड़ दिशोम देश परगना बैजु मुर्मू ने की। अखिल भारतीय संताली लेखक संघ (आईसवा) झारखंड शाखा एवं अखिल झारखंड संताल शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और जामताड़ा जिले के 354 केंद्रों पर नि:शुल्क संताली शिक्षा दी गई। 22 मई से 10 जून तक चले इस समर कैंप में बच्चों और युवाओं को अलचिकी लिपि, संताली भाषा, साहित्य, अंकगणित एवं संस्कृति का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार ने विभिन्न केंद्रों के शिक्षकों और प्रखंड समन्वयकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संताली भाषा, अलचिकी लिपि और संताल संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। संताली विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा इस मुद्दे को सरकार और विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने मातृभाषा आधारित शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर दिया। वहीं डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने समर कैंप के लिए एक हजार अलचिकी अक्षर ज्ञान पुस्तिकाएं दान कीं तथा अगले वर्ष पांच हजार पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन आईसवा के अध्यक्ष डॉ. रजनीकांत मांडी ने किया।

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.