कोरोना के महायुद्ध में योद्धाओं का करें सम्मान,डॉक्टर्स पुलिस का काम और जिम्मेदारियां इस वक्त सबसे ज्यादा जोखिम और चुनौती भरा
कोरोना के महायुद्ध में योद्धाओं का करें सम्मान
देवानंद सिंह
डॉक्टर्स ,पुलिसकर्मी ,सफाईकर्मी ,बैंककर्मी ,मीडियाकर्मी की जिम्मेदारियां इस वक्त सबसे ज्यादा जोखिम और चुनौती भरी है कोरोना के खिलाफ महायुद्ध के पूर्ण बंदी में सरकार के दिशा निर्देशों के पालन से लेकर जिला प्रशासन के सारे काम पदाधिकारीयों की मदद से चल रहे हैं वही पूर्वी सिंहभूम को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के दिशा निर्देश पर जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला एसएसपी जमशेदपुर तमिलवानन, सिटी एसपी ,ग्रामीण एसपी के साथ पुलिस उपाधीक्षक और थाने के थानेदार पुलिसकर्मी जिले के तमाम प्रशासनिक पदाधिकारी के साथ सिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद की टीम डॉक्टर ए के लाल डॉ विमलेश डॉक्टर असद के नेतृत्व में पूरी तन्मयता के साथ काम कर रही है

इसमें डॉक्टर्स के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है संदिग्धों को चिन्हित स्थानों पर पुलिस की मदद से पहुंचाने की व्यवस्था डॉक्टर कर रहे हैं
पुलिस का काम और जिम्मेदारियां इस वक्त सबसे ज्यादा जोखिम और चुनौती भरा है। पूर्णबंदी में सरकार के दिशानिर्देशों के पालन से लेकर जिला प्रशासन के सारे काम पुलिस की मदद से ही चल रहे हैं। चाहे कोरोना संदिग्धों का पता लगाना हो, चिह्नित स्थानों की घेराबंदी हो, संदिग्धों को अस्पताल तक पहुंचाना हो, घर-घर जरूरत का सामान बंटवाना हो।

यह गंभीर चिंता की बात है कि कोरोना के खिलाफ जंग के मैदान में उतरे हमारे पुलिस कर्मी भी इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं देश में कोरोना न फैल पाए, इसके लिए पूर्णबंदी को सख्ती से लागू कराने के लिए सबसे ज्यादा अगर कोई जान जोखिम में डाल कर अपनी सेवाएं दे रहा है, तो वह इस देश की पुलिस है
पुलिस का काम और जिम्मेदारियां इस वक्त सबसे ज्यादा जोखिम और चुनौती भरी है।

तमाम विपरीत परिस्थितियों, आशंकाओं और आपत्तियों के बीच भारत में लागू हुआ लॉकडाउन का चौथा चरण अब अधिक चुनौतीभरा एवं गंभीर है
झारखंड के साथ जमशेदपुर में कल जिस तरह मरीजों की संख्या जिस तेजी से बड़ी है, वह बहुत चिन्ताजनक एवं भयावह तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस महामारी का कहर थमने वाला नहीं है

झारखंड पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जमशेदपुर पुलिस वरिष्ठ नागरिकों को घर तक तबा पहुंचाने का भी काम कर मानवता का मिसाल पेश किया है वही
संदिग्धों को अस्पताल तक पहुंचाना हो, घर-घर जरूरत का सामान बंटवाना हो, सड़कों पर लोगों को आने-जाने से रोकने और वाहनों की जांच करना, न जाने ऐसे कितने ही काम हैं जो जमशेदपुर पुलिस कर रही है। जाहिर है, ऐसे में सबसे ज्यादा खतरा भी उसके सामने ही है

कोरोना से लड़ाई अभी बहुत लंबी है। देश में रोजाना जिस तेजी से नए मामले सामने आ रहे हैं, वह भी कम चिंता का विषय नहीं है। पुलिस की भूमिका सिर्फ पूर्णबंदी तक ही तो सीमित है नहीं। चौथे चरण में पुलिस की चुनौतियां और बढ़ेंगी। लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी है संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ेगा। व्यापक स्तर पर जांच अभियान के तहत जब जांच का दायरा बढ़ेगा, तो यह काम भी पुलिस की मदद के बिना संभव नहीं होगा।
डॉक्टर, नर्स, पुलिस बल मीडियाकर्मी व जरूरी सामानों की आपूर्ति करने वाले कार्यकर्ता सफाई कर्मी ,और लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने वाले सभी नायक हैं इसलिए इनका करें सम्मान

