जादूगोड़ा में साइबर अपराधियों का आतंक, यूसील कर्मी सतर्कता से बाल-बाल बचे
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ठगों द्वारा बैंक केवाईसी और फर्जी लिंक के जरिए लगातार लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को यूसील कर्मी रवि सिंह साइबर ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। साइबर ठगों ने उनका मोबाइल नंबर हैक कर बैंक ऑफ इंडिया के नाम से केवाईसी लिंक भेजकर उनके संपर्क और ग्रुप में मैसेज प्रसारित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही रवि सिंह ने तुरंत मोबाइल फॉर्मेट किया और अपने खाते में मौजूद लगभग 22 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। उन्होंने लोगों से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की।
इसी तरह 2 जनवरी को यूसील के पूर्व कर्मी विद्या शर्मा भी इसी तरीके से ठगी का शिकार होते-होते बचे और 11 हजार रुपये सुरक्षित कर पाए। इससे पहले यूसील के वैज्ञानिक आर. एल. पटनायक से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.27 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है, जबकि यूसील कर्मी नवीन प्रसाद से 20 हजार और खगेश्वर मालिक से रिश्तेदारी के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी की गई है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई युवा साइबर अपराध में शामिल पाए गए हैं। कोकदा, कुलड़ीहा, इचड़ा, भुरकाडीह, तीला मुंडा, यूसील कॉलोनी, लाखनंडीह सहित कई इलाकों में पुलिस ने कार्रवाई कर अपराधियों को जेल भेजा है। साइबर अपराध के चलते कोकदा गांव “मिनी जामताड़ा” के नाम से चर्चित हो चुका है।
पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने की सलाह दी जा रही

