मुख्यमंत्री अब्दुल्ला नीत विधायक दल की बैठक में जम्मू-कश्मीर में जनादेश के सम्मान का आह्वान
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और गठबंधन सहयोगियों की शुक्रवार को यहां करीब दो घंटे तक हुई विधायक दल की बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए गए जिनमें से एक में लोगों के जनादेश का सम्मान करने की बात कही गई।
प्रस्ताव में केंद्र शासित प्रदेश की छह महीने पुरानी सरकार और राजभवन के बीच बढ़ रहे विवाद का परोक्ष संदर्भ है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि वह सरकार को ‘‘प्यार और सम्मान’’ के साथ चलाना चाहती है और उसकी (सरकार की) चुप्पी को उसकी ‘‘कमजोरी’’ नहीं समझा जाना चाहिए। केंद्र शासित प्रदेश की सरकार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह ‘‘उन्हें मजबूर न करें।’’
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में यहां गुपकर रोड स्थित उपमुख्यमंत्री सुरेन्द्र चौधरी के आवास पर यह बैठक हुई और नेकां के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी इसमें शामिल हुए। यह बैठक अनिर्धारित थी।
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री, नेकां के सभी विधायक, मुख्य सचेतक निजामुद्दीन भट के नेतृत्व में कांग्रेस के चार विधायक और राज्य सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक शामिल हुए।
सत्तारूढ़ नेकां और उसके गठबंधन सहयोगियों ने यह बैठक ऐसे समय में की है जब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) के 48 अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्ति के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छह अप्रैल से शुरू होने वाले जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे के मद्देनजर भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।