भर्ती घोटालों के विरोध में भाजपा का आक्रोश मार्च, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जमशेदपुर महानगर ने जिला उपायुक्त कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला। भाजयुमो जिलाध्यक्ष नीतीश कुशवाहा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए 14वीं जेपीएससी परीक्षा की सीबीआई जांच, भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और लंबित नियुक्तियों को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की।
भाजपा ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने पेपर लीक मामलों की समयबद्ध जांच, दोषियों की गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक आधारित एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग की।

इस दौरान भाजपा ने उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा के दौरान मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेने की भी मांग की।
प्रदर्शन में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए युवाओं के हित में निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की नियत शुरू से ही युवाओं के प्रति ईमानदार नहीं रही है। सरकार ने रोजगार देने के नाम पर युवाओं को केवल धोखा दिया है। जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, जूनियर इंजीनियर और अन्य भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने साफ तौर पर साबित कर दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
वहीं, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह ने कहा कि यह केवल प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा नहीं है। यह झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, उनके विश्वास और राज्य की प्रशासनिक विश्वसनीयता का प्रश्न है। वर्षों की मेहनत के बावजूद योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित हो रहे हैं, जिससे पूरे राज्य के युवाओं में गहरा आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है। यदि राज्य सरकार युवाओं की आवाज को अनसुना करती रही तो भारतीय जनता पार्टी युवाओं के साथ सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को और तेज करेगी।
आक्रोश प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, बिनोद सिंह, गुंजन यादव, मनोज सिंह, दुलाल भुइयां, कुलवंत सिंह बंटी, जिप सदस्य कुसुम पूर्ति, जिला पदाधिकारी बबुआ सिंह, अमरजीत सिंह राजा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, तन्मय झा, रेणु सिन्हा, संजीत चौरसिया, प्रेम झा, अखिल सिंह, बिनोद सिंह, अमित सिंह, किशोर ओझा, उज्ज्वल सिंह, राकेश दुबे, अमित अग्रवाल, अमिताभ सेनापति, शैलेश गुप्ता, प्रदीप मुखर्जी, धर्मेंद्र प्रसाद, मंजीत सिंह, सागर राय, नीलु मछुआ, अभिमन्यु सिंह, अजय श्रीवास्तव, हरिकिशोर तिवारी, शशांक शेखर, पप्पू सिंह, सुबोध झा, चिंटू सिंह समेत मंडलाध्यक्ष बिनोद राय, रंजीत सिंह, पप्पू उपाध्याय, कुमार अभिषेक, रविन्द्र सिसोदिया, प्रशांत पोद्दार, मारुति नंदन पांडेय, जुगनू वर्मा, आनंद कुमार, उपेंद्र गिरी, नीरज शर्मा, बापन बनर्जी, चंचल चक्रवर्ती, शशि यादव, बीनानंद सिरका, गणेश मुंडा, लक्ष्मण बेहरा, मनोज सिंह, सन्नी सिंह चौहान, बिरेन महतो, जया शर्मा, राज सिंह समेत सैकड़ों युवा मौजूद रहे।

