जादूगोड़ा में HCL के CSR फंड में बड़ा खेल : 1000 लीटर की टंकी पर लाल पेंट से लिखा 1500, लाखों का घपला उजागर
*ऊपर रूआम में मानकों को ताक पर रखकर बना जल मीनार, घटिया निर्माण और सूचना बोर्ड गायब, ग्रामीणों में आक्रोश*
*राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा*
देश की प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL/ICC) के CSR फंड में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जादूगोड़ा प्रखंड के ऊपर रूआम गांव में वर्ष 2025-26 के तहत बनाई जा रही जल मीनार में सरेआम फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और कंपनी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों के फंड में बंदरबांट का आरोप लगाया है।
*500 लीटर का सीधा घोटाला, लाल पेंट से बदली क्षमता*
ग्रामीणों ने बताया कि कागजों में जल मीनार पर 1500 लीटर की पानी टंकी लगनी थी। लेकिन मौके पर कंपनी ने सस्ती 1000 लीटर की टंकी मंगाकर लगा दी। सबसे बड़ा सबूत खुद टंकी दे रही है। टंकी पर कंपनी की ओर से प्रिंट किया हुआ *’1000 Ltr.’* साफ दिखाई दे रहा है, जिस पर ठेकेदार ने लाल पेंट से 1000 को काटकर हाथ से 1500 लीटर लिख दिया है। यानी कागज पर 1500 लीटर का बिल और जमीन पर 1000 लीटर की टंकी, सीधे-सीधे 500 लीटर की कीमत का घोटाला।
*DPR को ताक पर रखकर घटिया निर्माण*
इतना ही नहीं, जल मीनार का निर्माण भी पूरी तरह मानकों के खिलाफ है।
– बेस का प्लास्टर अधूरा है, जगह-जगह ईंटें बाहर झांक रही हैं।
– DPR में बेस में टाइल्स लगाने का प्रावधान था, जो मौके से पूरी तरह गायब है।
– दीवारों पर घटिया पुताई की गई है।
– ऊपर लगा टिन शेड इतना हल्का है कि तेज हवा में उड़ सकता है।
*सूचना बोर्ड गायब ताकि राज न खुले*
किसी भी सरकारी या CSR कार्य में कार्य का नाम, लागत, एजेंसी और संवेदक का नाम वाला सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है। लेकिन इस जल मीनार के पास ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर बोर्ड नहीं लगाया गया ताकि भ्रष्टाचार का पता किसी को न चले।
*ग्रामीणों में उबाल – “हमें पानी नहीं, हमारे हक का मजाक मिला”*
ऊपर रूआम के ग्रामीणों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल की भारी किल्लत है, बड़ी उम्मीद से HCL से जल मीनार की मांग की थी, लेकिन विकास के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई।
एक ग्रामीण ने कहा – CSR का पैसा हम गरीब आदिवासियों के विकास के लिए है, अधिकारी और ठेकेदार मिलकर उसे खा जा रहे हैं।”
*ग्रामीणों की मांग -*
1. इस कार्य की मापी और गुणवत्ता की जांच तकनीकी टीम से कराई जाए।
2. दोषी ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर उस पर FIR दर्ज हो।
3. इसमें संलिप्त HCL के अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई हो।
4. घटिया जल मीनार को तोड़कर मानक के अनुसार दोबारा बनाया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इसकी लिखित शिकायत HCL के CMD और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से करेंगे।

