लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
धनबाद पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
प्रिंस खान गिरोह की हत्या की साजिश विफल
धनबाद: पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गिरोह की एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करने का दावा किया है. गुप्त सूचना के आधार पर भूली ओपी क्षेत्र के बी पॉलिटेक्निक के समीप जंगल में छापेमारी कर पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार दोनों एक स्थानीय जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी की हत्या की योजना बना रहे थे.
गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष छापेमारी दल ने कार्रवाई करते हुए शोएब कुरैशी और गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी को गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि दोनों प्रिंस खान गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं.
तलाशी के दौरान पुलिस ने गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी के पास से दो जिंदा बम, ‘मेड इन इटली’ अंकित एक अवैध पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए. वहीं शोएब कुरैशी के पास से ‘किंग केजीएफ’ अंकित एक अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस जब्त किए गए. बरामद कारतूस पर केएफ 7.65 अंकित है.
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रिंस खान गिरोह से जुड़े हैं और एक स्थानीय जमीन कारोबारी व होटल व्यवसायी की हत्या की योजना बना रहे थे. पुलिस ने यह भी दावा किया कि गुलाम गौस ने पूछताछ में बताया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से गोपी खान और प्रिंस खान के संपर्क में था.
इस मामले में भूली ओपी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी。
प्रिंस खान गिरोह धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में रंगदारी, जमीन कब्जा और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। इस गिरोह का सरगना प्रिंस खान लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हाल के महीनों में गिरोह की गतिविधियों में तेजी देखी गई थी, जिसके चलते पुलिस ने विशेष अभियान चलाया।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी चल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद हथियारों और बमों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि इनके स्रोत का पता लगाया जा सके। धनबाद जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी हैं।
छापेमारी दल में भूली ओपी प्रभारी सहित जिला बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनसे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने छापेमारी दल को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
गिरफ्तार शोएब कुरैशी और गुलाम गौस का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों पहले भी आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस उनके बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।
स्थानीय व्यवसायियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। जमीन कारोबारियों और होटल मालिकों में दहशत का माहौल था, जो अब कुछ कम हुआ है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
इस मामले से जुड़ी पिछली खबरों और धनबाद पुलिस की अन्य कार्रवाइयों के लिए [INTERNAL_LINK_HOLDER] पर क्लिक करें।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

