लेखक: संवाद सूत्र, जागरण
बलान में आया पानी मंगलवार शाम को पश्चिम रसीदपुर की ओर से बलान नदी में पहुंचा, लेकिन यह पानी काला, गंदा और बेहद दुर्गंधयुक्त था, जिससे नदी किनारे बसे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
बलान में आया पानी: ग्रामीणों की परेशानी
प्रखंड क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली बलान नदी लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रही है। मंगलवार शाम पश्चिम रसीदपुर की ओर से नदी में अचानक थोड़ा पानी पहुंचा तो ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी। लेकिन पानी के साथ ऐसी दुर्गंध फैली कि नदी किनारे बसे लोगों की परेशानी बढ़ गई। ग्रामीणों के अनुसार पानी काला, गंदा और बेहद दुर्गंधयुक्त था।
नदी में पानी पहुंचने से सूख रही जलकुंभी को भले ही कुछ राहत मिली, लेकिन पानी से उठ रही तेज दुर्गंध आसपास के इलाकों में रातभर बनी रही। नदी के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि दुर्गंध इतनी अधिक थी कि कई परिवारों को रात में सोने में परेशानी हुई। कुछ लोग नाक ढककर या मास्क लगाकर रात गुजारने को मजबूर हुए। नदी किनारे से गुजरने पर भी बदबू के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूखे के दौरान जमा होती रही गंदगी
ग्रामीणों के मुताबिक नदी में लंबे समय से पानी नहीं रहने के कारण कूड़ा-कचरा और अन्य गंदगी नदी के तल में जमा होती रही। नदी किनारे बसे कई घरों से गीला और सूखा कचरा सीधे नदी में डालने की शिकायत भी सामने आती रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई घरों के शौचालयों का गंदा पानी भी सीधे नदी में पहुंच रहा है। ऐसे में पानी की कमी के दौरान गंदगी एक जगह जमा होती रही और अब पानी आने के साथ उसके बहने से दुर्गंध पूरे इलाके में फैल गई।
बीमारी फैलने की आशंका से ग्रामीण चिंतित
अचानक फैली दुर्गंध और गंदे पानी को लेकर ग्रामीणों में बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि बलान नदी कभी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी रही है, लेकिन लगातार कचरा और गंदा पानी गिराए जाने से इसकी स्थिति खराब होती जा रही है। नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
ग्रामीणों ने बलान नदी में कचरा डालने और गंदे पानी के बहाव पर रोक लगाने, नदी की नियमित सफाई कराने तथा इसके जलस्रोतों को संरक्षित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल नदी संरक्षण के नारे से काम नहीं चलेगा, बल्कि बलान को प्रदूषण से बचाने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था करनी होगी।
बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड से होकर गुजरने वाली बलान नदी क्षेत्र की कृषि और पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत रही है। बीते कुछ वर्षों में अतिक्रमण, औद्योगिक कचरे और घरेलू सीवेज के अनियंत्रित निस्तारण ने इसके अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उदासीनता के चलते नदी की स्वच्छता के लिए चलाई गई योजनाएं कागजों तक सिमट कर रह गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते बलान नदी के जलग्रहण क्षेत्र का ट्रीटमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना नहीं की गई तो आने वाले समय में यह नदी पूरी तरह से नाले में तब्दील हो जाएगी। बलान नदी के बारे में अधिक जानें।
