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    Home » आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 की सहायिका विभा कुमारी ने दिया इस्तीफा, राष्ट्र संवाद की खबर का असर
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    आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 की सहायिका विभा कुमारी ने दिया इस्तीफा, राष्ट्र संवाद की खबर का असर

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 16, 2026No Comments3 Mins Read
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    खोदावंदपुर में आंगनबाड़ी सहायिका के दोहरी भूमिका का मामला उजागर

    खोदावंदपुर,बेगूसराय। बरियारपुर पश्चिमी पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 की सहायिका विभा कुमारी ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    उन्होंने घरेलू कार्यों में व्यस्तता एवं समय के अभाव का हवाला देते हुए अपना त्याग-पत्र प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, खोदावंदपुर को सौंपा है।

    राष्ट्र संवाद की खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन

    बताते चलें कि आंगनबाड़ी सहायिका विभा कुमारी के जीविका सीएम के रूप में कार्य करने को लेकर ‘आंगनबाड़ी सहायिका पर जीविका सीएम के रूप में कार्य करने का आरोप’ शीर्षक से राष्ट्र संवाद में खबर प्रकाशित हुई थी।

    खबर में बताया गया था कि विभा कुमारी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 की सहायिका के पद पर कार्यरत रहने के साथ वर्ष 2015 से अंशु जीविका महिला ग्राम संगठन, बरियारपुर पश्चिमी में जीविका सीएम के रूप में भी कार्य कर रही थीं।

    आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 में नई बहाली का रास्ता साफ

    खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को सहायिका द्वारा स्वेच्छा से अपने पद से त्याग-पत्र दिए जाने की जानकारी सामने आयी, हालांकि अपने त्याग-पत्र में उन्होंने घरेलू कार्यों में व्यस्तता एवं समय के अभाव को इस्तीफे का कारण बताया है।

    सहायिका के स्वेच्छा से पद छोड़ने के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-93 में नयी सहायिका की बहाली का रास्ता साफ हो गया है।

    विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार नयी सहायिका के चयन की कार्रवाई की जा सकेगी।

    दोहरी नियुक्ति पर सरकारी दिशानिर्देश और मीडिया की भूमिका

    सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मीडिया की सक्रिय भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। आंगनबाड़ी केंद्र और जीविका दोनों ही ग्रामीण विकास के प्रमुख स्तंभ हैं। आईसीडीएस (ICDS) के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिका और सेविका का चयन स्थानीय स्तर पर होता है, जबकि बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (JEEViKA) के तहत सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRP) और सामुदायिक प्रबंधकों (CM) की नियुक्ति की जाती है।

    नियमानुसार, एक सरकारी या अर्ध-सरकारी पद पर रहते हुए दूसरे लाभ के पद पर कार्य करना हितों का टकराव (Conflict of Interest) माना जाता है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, किसी भी सरकारी कर्मचारी या मानदेयकर्मी को बिना अनुमति के दूसरी नौकरी या मानदेय वाले पद पर कार्य करने की मनाही है। राष्ट्र संवाद द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद विभागीय स्तर पर त्वरित संज्ञान लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप सहायिका को पद त्यागना पड़ा। बिहार समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आंगनबाड़ी सेवाओं और भर्ती नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

    आगे की कार्रवाई और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

    ग्रामीणों ने राष्ट्र संवाद के इस खुलासे का स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सहायिका के बार-बार अनुपस्थित रहने से केंद्र पर पोषण आहार वितरण और प्रारंभिक शिक्षा प्रभावित होती थी। अब नई सहायिका की बहाली से केंद्र का संचालन सुचारू रूप से होने की उम्मीद जगी है। चयन समिति द्वारा जल्द ही योग्य उम्मीदवार का चयन कर केंद्र की व्यवस्था पटरी पर लाई जाएगी।

    आंगनबाड़ी इस्तीफा जीविका बेगूसराय
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