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    Home » अग्रसेन मार्ग विवाद में मुकेश मित्तल पर सवालों की बौछार, फैसले से कटघरे में सम्मेलन का नेतृत्व
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    अग्रसेन मार्ग विवाद में मुकेश मित्तल पर सवालों की बौछार, फैसले से कटघरे में सम्मेलन का नेतृत्व

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 14, 2026No Comments2 Mins Read
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    अग्रसेन मार्ग विवाद में मुकेश मित्तल पर सवालों की बौछार, फैसले से कटघरे में सम्मेलन का नेतृत्व

    बिना अनुमति शिलान्यास की तैयारी पर सवाल, बोर्ड हटने से बढ़ा विवाद मारवाड़ी समाज का आरोप अभय सिंह को गुमराह कर रची गई साजिश

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर।साकची-काशीडीह में महाराजा अग्रसेन मार्ग की पट्टिका को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल के फैसले, टाटा स्टील की मंजूरी से पहले कार्यक्रम तय करने और विधायक सरयू राय को निमंत्रण देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। बोर्ड हटने के बाद सम्मेलन के नेतृत्व की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

    वहीं, पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने आरोप लगाया है कि कुछ तत्वों ने भाजपा नेता अभय सिंह को गुमराह कर विवाद खड़ा किया। संगठन के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को महाराजा अग्रसेन मार्ग का नामकरण किया गया था और इसकी सूचना संबंधित विभागों को लिखित रूप से दी गई थी। सम्मेलन का दावा है कि पट्टिका अभय सिंह की सहमति से लगाई गई थी।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नामकरण पर आपत्ति थी, तो नौ महीने तक चुप्पी क्यों रही? महाराजा अग्रसेन जयंती के समय ही विवाद क्यों उभरा? क्या कार्यक्रम तय करने से पहले आवश्यक अनुमति ली गई थी और क्या सम्मेलन के नेतृत्व ने सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लिया था?
    सम्मेलन ने कथित साजिश की जांच और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की है।

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