उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई आईटीडीए एवं कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक
राष्ट्र संवाद संवाददाता
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आइटीडीए, कल्याण विभाग एवं जेटीडीएस अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य समद व अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं और स्वरोजगार कार्यक्रमों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचे इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय एवं वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है ताकि उनके जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार लाई जा सके ।
बैठक में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 1,47,348 आवेदनों में से 1,40,975 बच्चों को छात्रवृत्ति राशि का भुगतान किया जा चुका है। उपायुक्त ने शेष बच्चों को भी शीघ्र भुगतान हेतु आवंटन प्राप्त कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए । पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 23 हजार से ज्यदा आवेदनों में से 8435 बच्चों को छात्रवृत्ति राशि दी गई है, उपायुक्त ने शेष आवेदकों को भी प्राथमिकता पर रखते हुए भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में स्वीकृत 463 आवेदनों में से 311 लाभुकों को बकरा, सुकर, कुक्कट आदि वितरित किए गए है । शेष लाभुकों को शीघ्र लाभान्वित करने को कहा गया ।
बैठक में स्वास्थ्य सहायता योजना, बिरसा आवास योजना के की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशआ-निर्देश दिए गए। जेटीडीएस डीपीएम को निर्देशित किया गया कि युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कैम्प मोड में कार्य करें, अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ा जाए। डीपीएम ने बताया कि बकरा, सुकर, भेड़ वितरण, बीज वितरण जैसी योजनाओं से जनजाति समुदाय के योग्य लाभुकों को आच्छादित किया गया है।
बैठक में आधारभूत संचरना निर्माण से जुड़े कब्रिस्तान एवं जाहेर स्थान घेराबंदी, जाहेरस्थान निर्माण, आदिवासी संस्कृति कला केन्द्र, मांझी, मानकी मुंडा भवन, धुमकड़िया भवन निर्माण आदि योजनाओं में भी प्रगति की समीक्षा की गई। लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने समेत गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय से विकास योजनाओं को गति दें। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से हर पात्र लाभुक जुड़े और स्वरोजगार के अवसर बढ़े ताकि क्षेत्र में समावेशी विकास हो सके। सभी विभागों को नियमित प्रगति रिपोर्ट देने और लंबित कार्यों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए ।


