श्री श्याम जन्म महोत्सव पर निकली भव्य निशान यात्रा, श्याम मय हुआ चांडिल नगर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल। श्री श्याम कला भवन, चांडिल के तत्वावधान में शुक्रवार को 29वें श्री श्याम जन्म महोत्सव के अवसर पर श्री श्याम मंदिर से शोभायात्रा सह भव्य निशान यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। महिलाओं ने हाथों में बाबा श्याम का निशान थाम रखा था और “खाटू वाले श्याम बाबा की जय” के जयकारों से पूरा नगर श्याममय हो उठा।

शोभायात्रा श्री श्याम मंदिर से प्रारंभ होकर चांडिल बस स्टैंड, चौक बाजार, नामोपाड़ा, डैम रोड होते हुए नगर भ्रमण के बाद पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान दिल्ली से आए कलाकारों के डांस ग्रुप ने धार्मिक नृत्य-संगीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कृष्ण-राधा, भोले शंकर-पार्वती और वीर बजरंग बली की झांकियों ने भक्तों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर समाजसेवी कुसुम खैतान, भगवान चौधरी, श्यामल मुनका, सुरेश चौधरी, श्रवण जालान, पवन शर्मा, और भोला नाथ जालान को श्री श्याम कला भवन की ओर से अध्यक्ष संजय चौधरी, परमानंद पसारी, राजीव गुप्ता, और दुर्गा चौधरी ने पगड़ी व दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया।
खाटू वाले श्री श्याम बाबा की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी में बाबा की अनुपम मूर्ति भव्य फूलों की सजावट के बीच विराजमान थी। पुलिस प्रशासन ने शोभायात्रा के दौरान यातायात नियंत्रण व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की।
शोभा यात्रा के दौरान समाज सेवी सपन गुप्ता द्वारा मेन रोड नामों पाड़ा ओर डैम रोड में डिंपी पसारी , टोनी बागड़िया द्वारा पेय जल, चाकलेट, नमकीन पैकेट ईत्यादि वितरण किया गया.
संस्था के अध्यक्ष संजय चौधरी ने बताया कि शुक्रवार की शाम 7.30 बजे आमंत्रित अतिथियों द्वारा भजन संध्या कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा। दिल्ली के चिराग ग्रुप द्वारा धार्मिक नृत्य-नाटिका की रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी।
इस अवसर पर राजीव गुप्ता, रमेश चौधरी, तपन मंडल, अनाथ मिश्रा, शंकर रक्षित, नीतीश दा, निताई दा, परमानंद पसारी, डिंपी पसारी, दुर्गा चौधरी, हरीश सुल्तानिया, गोपाल सुल्तानिया,समीर कुंडू मंटू खैतान, पवन जालान, नील कमल जालान,रवि शर्मा,शांतनु बाघ अश्वनी शर्मा, सुभाष शर्मा, पप्पू सुल्तानिया,रतन साव सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त उपस्थित थे।
श्याम प्रेम और भक्ति से ओतप्रोत यह आयोजन पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और सामुदायिक एकता का संदेश दे गया।

