इटावा. इटावा जिले में चकरनगर इलाके में चंबल नदी के किनारे भ्रमण पर गये डाक्टर और नर्स समेत कई मेडिकल स्टाफ को गांव वालों ने डाकू समझ कर बंधक बना लिया. चकरनगर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि भरथना और मुख्यालय के एक निजी अस्पताल के करीब आधा दर्जन से अधिक चिकित्साकर्मी घूमने के लिए निकले थे, जिसमें एक महिला नर्स भी शामिल थी. ग्रामीणों ने अराजक तत्व समझकर कुछ चिकित्सा कर्मियों को पकड़ लिया, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर आक्रोशित भीड़ से बचने के लिए नर्स सहित कुछ मेडिकल स्टाफ भाग निकलने में कामयाब हो गए. हालांकि, उन्हें भी सुबह थाने बुला लिया गया था. किसी के द्वारा कोई आपत्ति न करने पर सभी को छोड़ दिया गया.
दरअसल, चंबल नदी किनारे बालू पर मस्ती कर रहे चिकित्सा कर्मियों को ग्रामीणों ने डाकुओं का गैंग समझकर पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट कर बंधक बना लिया. सूचना पर पहुंची पुलिस की टीम को भी ग्रामीणों ने घेर लिया और दो घंटे तक जद्दोजहद चलती रही. उनके साथ शामिल रही नर्स की रजामंदी के बाद पुलिस ने चिकित्सा कर्मियों को जाने दिया. इसमें एक-दो डाक्टर भी शामिल थे. चकरनगर थाना क्षेत्र के गांव ढकरा में आधा दर्जन बाइकों पर सवार एक महिला सहित नौ अज्ञात व्यक्तियों के पहुंचने से ग्रामीणों में गैंग के सदस्य होने की शंका व्याप्त हो गई. जब वे देर शाम तक वापस लौट कर नहीं आए तो ग्रामीणों ने बदमाशों का गैंग समझकर करीब आधा दर्जन युवकों को चंबल नदी किनारे खेतों पर घेरकर पकड़ लिया.
सूचना पर पहुंची थाना पुलिस को ग्रामीणों ने पकड़े गए आधा दर्जन संदिग्धों को सौंपते हुए लापता युवती सहित अन्य संदिग्धों को सामने करने की मांग की. लापता युवती सहित अन्य युवकों के सामने न आने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की कार को गांव में ही घेर लिया. पुलिस ने पकड़े गए लोगों को थाने पहुंचाने की लाख कोशिश की लेकिन आक्रोशित ग्रामीण अन्य व्यक्तियों को सामने करने की जिद पर अड़े रहे. कई घंटे चली जद्दोजहद के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय थाना पुलिस की एक न मानी.

