बजट सत्र से मोमिनों को काफी उम्मीदें हैं… डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी!
जामताड़ा/ऑल इंडिया मोमीन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय सचिव डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी ने झारखंड में शुरू हो रहे बजट सत्र से काफी उम्मीद जाहिर किया है।उन्होंने कहा कि झारखंडी मोमिनों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए वर्षों से मोमीन कॉन्फ्रेंस आंदोलन कर रही है और समय समय पर सरकार को अपनी मांग पत्र सौपते रही है।पिछले दिनों झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री जनाब हेमंत सोरेन को दुमका में डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी के नेतृत्व में मोमीन कॉन्फ्रेंस की टीम मिलकर अपनी पुरानी मांगों पर विचार हेतु एक मेमोरेण्डम सौंपे थे और आग्रह किया था कि हमारी इन मांगों को सरकार अविलम्ब पूरा करे।उन्होंने कहा कि झारखंड के मोमिन समुदाय आजादी के इतने वर्षों बाद भी अपनी सांस्कृतिक, पारंपरिक, रोजगार, शिक्षा एवं आत्मसम्मान के लिए संघर्ष कर रहा है। समुदाय की वर्तमान स्थिति पहले से बदतर हुई है। राज्य की इस बड़ी आबादी को मुख्यधारा से जोड़े बिना राज्य का विकास संभव नहीं है।मुख्यमंत्री को सौंपे मांगों में प्रमुख मांगें हैं !
1.सच्चर कमिटी एवं रंगनाथ मिश्रा आयोग की अनुशंसाओं को लागू करते हुए मोमिनों के शैक्षणिक,आर्थिक, राजनीतिक सामाजिक स्तर में सुधार लाया जाय।
2. वर्षों से लंबित “झारखंड राज्य मदरसा बोर्ड”, “वक्फ बोर्ड” एवं अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड का गठन शीघ्र किया जाए।
3.झारखंड में उर्दू यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाय एवं तमाम मदरसों को उसी यूनिवर्सिटी से जोड़कर आलिम व फ़ाज़िल की परीक्षा ली जाय।
4. उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाए एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय जिनमें उर्दू भाषी छात्र अध्ययनरत है वहां उर्दू शिक्षकों का पद सृजित किया जाय।
5. द्वितीय राजभाषा दर्जा प्राप्त उर्दू का बेहतर कार्यान्वयन के लिए राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों के उर्दू अनुवादकों का पद भरा जाए।
6. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मॉब लिंचिंग रोकने के लिए अविलंब कठोर कानून बनाया जाय।डॉ अंसारी ने उम्मीद जाहिर किया है कि सरकार इस बजट सत्र में जरूर इन मांगों को पूरा करेगी।

