Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ताजमहल का दीदार करने वालों की संख्‍या 76 प्रतिशत कम हुई
    Headlines उत्तर प्रदेश

    ताजमहल का दीदार करने वालों की संख्‍या 76 प्रतिशत कम हुई

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 18, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    आगरा. मोहब्बत की बात आती है तो जुबान पर तुरंत ताजमहल का नाम आ जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि मोहब्बत की इस निशानी का दीदार करने के लिए 2020 में लोगों की संख्या कम रही है, जो 2019 की तुलना में 76 प्रतिशत कम है.

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीक्षक वसंत कुमार स्वर्णकार ने कहा कि 2020 में कम पर्यटक आए हैं. उन्होंने कहा कि 2019 की तुलना में ताजमहल का दीदार करने वाले पर्यटकों की संख्या 2020 में 76 प्रतिशत कम हुई है.

    मार्च 2020 से लग गया था लॉकडाउन

    बता दें कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया था. जिसका असर सभी व्यवसाय पर पड़ा था. इस दौरान ट्रेनों के साथ बसों और अन्य वाहनों को सीमित कर दिया गया था. हालांकि, कुछ दिन बाद सहूलियत देते हुए सरकार ने कुछ शर्तों के साथ इनमें छूट दी लेकिन लोगों पर कोरोना का डर दिखाई दिया.

    लोगों ने यात्रा से किया परहेज

    2020 में लोगों ने कोरोना महामारी के डर के चलते यात्रा करने से परहेज किया और इसी का नतीजा रहा है कि इसका असर आगरा स्थित ताजमहल आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ा. कम संख्या में ताजमहल का दीदार करने के लिए लोग आगरा पहुंचे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबगावती तेवर दिखाकर शताब्‍दी रॉय ने झटका TMC में बड़ा पद
    Next Article तीन माह में अखबारी कागज 20 फीसद महंगा, प्रकाशकों ने की आयात शुल्क हटाने की मांग

    Related Posts

    बंगाल की हिंसा लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती | राष्ट्र संवाद

    May 10, 2026

    वैश्विक संकट: प्रधानमंत्री मोदी की अपील और ऊर्जा संरक्षण | राष्ट्र संवाद

    May 10, 2026

    15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, ‘ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन’ सम्मानित

    May 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    सांझा साहित्य मंच की काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के विविध रंग, कवियों ने माँ को किया नमन

    बंगाल की हिंसा लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती | राष्ट्र संवाद

    दिल्ली में असम की बेटी मनीषा शर्मा को राष्ट्रीय पुरस्कार: मूगा वेशभूषा में चमकीं लेखिका

    अनाज के ढेर पर भूखी दुनिया: वैश्विक भुखमरी का संकट | राष्ट्र संवाद

    वैश्विक संकट: प्रधानमंत्री मोदी की अपील और ऊर्जा संरक्षण | राष्ट्र संवाद

    पीएम मोदी: ‘पेट्रोलियम उत्पाद’ का संयमित इस्तेमाल समय की मांग | राष्ट्र संवाद

    15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, ‘ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन’ सम्मानित

    सावधान! बीवी को पढ़ाया, नर्स बनते ही छोड़ा? गोंडा राजेश रेनू विवाद | राष्ट्र संवाद

    छपकर बिकते थे कभी, सच के थे अख़बार,

    महिला आरक्षण: राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र | राष्ट्र संवाद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.