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    हमारे राष्ट्र की संस्कृति की आत्मा हिंदी है– अभय सामंत जी

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 26, 2020No Comments2 Mins Read
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    हमारे राष्ट्र की संस्कृति की आत्मा हिंदी है– अभय सामंत जी

    शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास जमशेदपुर और जेकेएम कॉलेज , सालबनी , उन्नत भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम के अन्तर्गत आज ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में “हिंदी भाषा में सुरक्षित है भारत की सभ्यता और संस्कृति” विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार वयक्त किए ।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे
    अभय सामंत जी, विभाग संघचालक,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ने कहा कि आज हिंदी भाषा को व्यवहार में लाने की जरूरत है। हमारे देश की सभ्यता हिंदी भाषा में ही अपनी बात करती है ।
    कार्यक्रम के अतिथि डॉक्टर यामिनी कांत महतो , सचिव सह संस्थापक जे के शैक्षणिक संस्थान ने कहा कि विदेशों में भी हिंदी की पैठ है और नये नये शब्दों के आगमन से हिंदी दिन प्रति दिन समृद्ध हो रही है।

    मुख्य वक्ता डॉक्टर रागिनी भूषण जी ,भूतपूर्व विभागाध्यक्षा
    संस्कृत विभाग ,कोल्हान विश्वविद्यालय, ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता आज भी है क्योंकि यह सिर्फ विषय नहीं बल्कि हमारी पहचान है और हमारा स्वाभिमान है।

    प्रोफेसर बी एन प्रसाद,
    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदी साहित्यकारों को स्मरण करना एक पुनीत कर्म है और तकनीकी युग में भी हिंदी का प्रयोग और हिंदी का व्यवहार बना रहे इसका प्रयास करना बहुत ही आवश्यक है।
    विषय प्रवेश कराते हुए डॉक्टर रंजीत प्रसाद ने कहा कि हिंदी के गौरव और उसके प्रताप को स्मरण करने के लिए और उसके प्रति अपना सम्मान प्रदर्शित करने के लिए हम हिंदी पखवाड़ा का आयोजन कर रहे हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हम इसका अधिकतम उपयोग कर इसके सम्मान को वापस लायें।
    कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर कल्याणी कबीर ने किया।
    अतिथियों का परिचय डॉक्टर कविता परमार ने दिया।
    सरस्वती वंदना सुप्रसिद्ध मैथिली लोकगीत गायिका पद्मा झा ने प्रस्तुत किया।

    धन्यवाद ज्ञापन शिक्षिका और समाजसेवी मंजू सिंह ने किया। इस बेबिनार में जे के शैक्षणिक संस्थान के सभी व्याख्याता गण और विद्यार्थी भी उपस्थित थे । तकनीकी पटल का कार्य वरिष्ठ प्रकल्प सहायक सुमन सिंह कर रहीं थी।
    इस कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास झारखण्ड के अध्यक्ष गोपाल सहाय, उपाध्यक्ष सह सरला विरला विश्वविद्यालय के कुल सचिव विजय सिंह, महा सचिव अमरकान्त जी उपस्थित थे।

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