Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » लद्दाख में एलएसी पर चीन कर रहा है न्यू नार्मल की कोशिश, लेकिन अड़ा भारत
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    लद्दाख में एलएसी पर चीन कर रहा है न्यू नार्मल की कोशिश, लेकिन अड़ा भारत

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 8, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना तब तक रहेगी जब तक चीन की सेना अपनी जगह पर वापस नहीं चली जाती. भारत ने चीन से कई मौकों पर कहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों की बहाली के लिए उन्हें पूर्वी लद्दाख की गतिरोध वाली जगहों पर 20 अप्रैल से पहले की स्थिति में आना होगा. यानि जो जहां था, वह वहां चला जाए, लेकिन चीन ने ऐसा नहीं किया.

    एक रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले से जुड़े हुए एक सूत्र ने बताया कि इस मामले में अब भारत भी अड़ गया है. दोनों पक्षों के सैन्य कमांडरों की बैठक में पीएलए भारतीय सेना को न्यू नॉर्मल के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा है.

    रिपोर्ट के अनुसार सेना के एक कमांडर ने कहा कि आक्रामक होने और सीमा तनाव को बढऩे के बावजूद पीएलए भारतीय सेना से सैन्य ईनाम चाहता है. एक सूत्र ने कहा कि चीन की सेना पीपुल लिबरेशन आर्मी ने इस पूरे घटनाक्रम को स्टारिंग मैच बना दिया है. वह चाहता है कि भारत हाथ पर हाथ रखे बैठा रहे. हम भी इस इंतजार में बैठे रहे कि ऐसे कदम उठें, ताकि सीमा विवाद के पडऩे वाले असर का चीन को एहसास हो.

    भारत की ओर से चीन को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि अगर पीएलए सीमा से नहीं हट कर 20 अप्रैल के पहले की स्थिति बहाल नहीं करता है तो भारत और चीन के रिश्तों में और ज्यादा तनाव बढ़ेगा. वहीं दूसरी ओर चीन को लग रहा है कि भारत घरेलू दबाव में आकर खुद ही गतिरोध खत्म कर देगा. सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीएलए चाहता है कि भारत अपने पारंपरिक जगहों से पीछे हट जाए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदेश में फिर सामने आये 60 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित, 21 लाख के करीब पहुंचा आंकड़ा
    Next Article राजस्थान राजनीतिक संकट: अब बीजेपी ने 12 विधायकों को भेजा अहमदाबाद

    Related Posts

    भारत में शहरीकरण की नई पहचान: अब बनेगी ‘कार्यात्मक शहरी बस्तियां’ श्रेणी

    June 27, 2026

    वेनेजुएला भूकंप: भीषण झटकों से भारी तबाही, दहशत में रातभर सड़कों पर रहे लोग

    June 27, 2026

    आज भी ‘गुलामी जिंदा है’: मुजफ्फरनगर में 13 मजदूरों की दहला देने वाली आपबीती

    June 27, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भारत में शहरीकरण की नई पहचान: अब बनेगी ‘कार्यात्मक शहरी बस्तियां’ श्रेणी

    वेनेजुएला भूकंप: भीषण झटकों से भारी तबाही, दहशत में रातभर सड़कों पर रहे लोग

    आज भी ‘गुलामी जिंदा है’: मुजफ्फरनगर में 13 मजदूरों की दहला देने वाली आपबीती

    पासपोर्ट और भारत की नागरिकता का प्रमाण: उलझनें और चुनौतियाँ

    रिश्तों का संकट: विश्वास के कत्ल से हिलता समाज, समाधान कब?

    मॉनसून सत्र से पहले देश में बदल रहा राजनीतिक संख्या बल: क्या होगा असर?

    संविधान हत्या दिवस नई पीढ़ी को लोकतंत्र का मूल्य समझाएगा: राम बहादुर राय

    बोकारो के नशा मुक्ति अभियान के फ्लेक्स में CM के नाम और पद की गलतियां, बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा

    अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य विरोधी दिवस पर असंगठित मजदूरों को किया गया जागरूक

    डॉ. राजकुमार के पत्र की जांच कराएं सीएमः सरयू राय

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.