सिदो कान्हू के वंशज की हत्या पर सीबीआई जांच की अनुशंसा करे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: लक्ष्मण टुडू।
मंगलवार, जमशेदपुर: हूल आंदोलन के नायक रहे सिदो-कान्हू के छठे वंशज रामेश्वर मुर्मू की निर्मम हत्या पर भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष है। मंगलवार को ‘हुल दिवस’ पर भाजपा जमशेदपुर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम जमशेदपुर उपायुक्त की अनुपस्थिति में एडीसी सौरव सिन्हा को ज्ञापन सौंपकर हत्या की न्यायिक जाँच सीबीआई से कराने की माँग की गई। इस दौरान घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू एवं भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार शामिल रहे। ज्ञापन में कहा गया कि आदिवासी हितों की बात करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी के वंशज की निर्मम हत्या पर राज्य सरकार का उदासीन रवैया आंदोलनकारी के संघर्ष व बलिदान को शर्मसार कर रहा है। घटना के अट्ठारह दिन बाद भी राज्य सरकार द्वारा जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इतने गंभीर मामले पर पुलिस प्रशासन द्वारा पांच दिनों तक प्राथमिकी दर्ज ना कर दस दिनों तक नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार नही कर पाई। जबकि स्व. मुर्मू की पत्नी ने अपने बयान में अभियुक्त का नाम सहित पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है। आखिर किसके दबाव में पुलिस प्रशासन कार्य कर रही है।
*सत्ता में आते ही हेमंत सोरेन के सुर बदल गए:* पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि आदिवासी हितों व मूलवासी की बात करने वाले दल झामुमो को हुल दिवस पर अमर शहीद सिदो कान्हू को श्रद्धांजलि देने का ढोंग नही करना चाहिए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट में झारखंड के पहचान के प्रतीक सिदो कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू की विशेष समुदाय के लोगों द्वारा निर्मम हत्या पर राज्य सरकार की कार्यशैली सच्चाई बयां कर रही है। आज झारखंड में अपराधियों का बोलबाला है, सत्ता में आते ही मूलवासी की बात करने वाले हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के वंशज की हत्या पर मौन धारण कर बैठे हैं। कहा कि हत्या की सीबीआई जांच ही शहीद सिदो कान्हू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
*पुलिस प्रशासन की जाँच पर भरोसा नही:* महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार ने राज्य सरकार के शिथिल रवैये की निंदा करते हुए कहा कि झामुमो के सत्ता में आते ही प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में तीव्र गति से वृद्धि हुई है। दिनेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र की घटना पर पुलिस के इतने सुस्त रवैये से प्रशासन के भूमिका पर भरोसा नही किया जा सकता है। प्रशासन की धीमी जाँच ने साबित कर दिया कि राज्य सरकार इस मामले में लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। ऐसे में निष्पक्ष जाँच के लिए सीबीआई ही एकमात्र विकल्प है।
*छह माँगों पर सौंपा ज्ञापन:*
हत्या की सीबीआई जांच हो, मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता के रूप में 10 लाख मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, तीनों बच्चों के समुचित शिक्षा का खर्च सरकार वहन करे, राज्य सरकार परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे, हत्यारे को फांसी की सजा मिले।
इस दौरान पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडु, महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार, काजू सांडिल्य, रमेश हांसदा, हलधर नारायण साह, विनोद सिंह, अमरजीत सिंह राजा, राकेश सिंह, चंदमनी कुंकल, संजय सिंह मुंडा, अंतु मार्डी, रमेश बास्के, गणेश मुंडा, बेंजी पाल, सुखलाल गागराई, सुनील बारी, उपेन्द्रनाथ सरदार, विजय सोय, जनता सरदार, भूषण मुर्मू, फ्लिप्स टोप्पो, संतोष सांडिल्य, पप्पू नंदी, सोमनाथ पॉल व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

