निजाम खान
*कपड़े का थैला लेकर घर से निकले,प्लास्टिक थैलियों का उपयोग बंद करें:-उपायुक्त जामताड़ा श्री गणेश कुमार(भा.प्र.से.)*
सरकार द्वारा प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिबंध के आदेशों के बावजूद मिहिजाम थाना क्षेत्र व जामताड़ा के आसपास के क्षेत्र में प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। वहीं लॉकडाउन के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों/एनजीओ आदि द्वारा ज़रूरत मंदों को राहत सामग्री का वितरण भी अधिकतर प्लास्टिक की थैलियों में किया जा रहा है। जिससे हर घर मे प्लास्टिक बैग पहुंच रहे हैं। शहर से लेकर गांव की गलियों तक प्लास्टिक का कचरा मुसीबत बनते जा रहा है। कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत जामताड़ा/ नगर परिषद मिहिजाम/ थाना प्रभारी जामताड़ा/ मिहिजाम को निदेश दिया गया है कि किसी सामाजिक संगठन/ एनजीओ द्वारा ऐसा कार्य किया जा रहा है तो उसे चिन्हित कर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उपायुक्त जामताड़ा को अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे।
*प्लास्टिक खाने से पशुओं की हो रही मृत्यु….*
उपायुक्त श्री गणेश कुमार ( भा प्र. से.) ने बताया कि प्लास्टिक के कचरे का जैविक विघटन नहीं होता है। कई सालों तक एक ही स्थिति में पड़ा रहता है और मिट्टी में मिलकर प्रदूषित करता है। जिससे गाय/पशु खाकर मृत्यु के काल में चले जाते हैं। साथ ही पशुओं में बाझपन और दूध कम होने की भी समस्याएं बढ़ रही हैं।
*खुद बना रहे मुसीबत का अंबार…*
उपायुक्त जामताड़ा द्वारा बताया गया कि खासकर गलियों व मुहल्ले के नाली व आसपास तथा जगह-जगह पर सड़कों के किनारे व गंदगीयुक्त कीचड़ में भी प्लास्टिक की थैलिया तैरती नजर आती है, जिससे पानी में विघटन के कारण दुर्गंध एवं जहरीला बना देती है। लोगों के द्वारा निरंतर प्लास्टिक के उपयोग की वजह से खुद के लिए मुसीबत का अंबार बना रहे हैं । *उपायुक्त ने कहा कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए जागरूक होकर प्लास्टिक को न कहें।*
*दुकानदारों के द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा प्लास्टिक का उपयोग*
हर दुकानदार व व्यापारी द्वारा ग्राहकों को सामान देने के लिए प्लास्टिक थैलियों का ही प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है तथा लोगों में भी जागरूकता की कमी देखी जा रही है। प्लास्टिक थैलियों के अत्यधिक प्रयोग के कारण जहां पर्यावरण दूषित हो रहा है । वहीं ये थैलिया शहर वासियों के लिए परेशानी का सबब भी बन गई है। दुकानों पर बिना रोक-टोक के बाद प्लास्टिक थैलियों का कारोबार निरन्तर चल रहा है। जिसपर *उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया है कि घर से निकलते समय कपड़े का थैला लेकर निकले एवं प्लास्टिक की थैली का उपयोग करना बंद करें।*
*प्रकृति एवं स्वास्थ्य के लिए प्लास्टिक की जगह प्राकृतिक वस्तुओं का चयन करें…*
प्लास्टिक अथवा पॉलीथिन को जमीन में दबाने, आग में जलाने और पानी में बहाने से मिट्टी, वायु एवं जल सभी को प्रदूषित कर देती है। प्लास्टिक के केमिकल मानव शरीर में कैंसर जैसे भयंकर रोग उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए हमें जितना हो सके प्लास्टिक का उपयोग करने से बचना चाहिए। *उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए प्लास्टिक का उपयोग अपने दैनिक जीवन शैली में कम से कम करें । जिससे अनेकों बीमारियों से बचा जा सके। अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक की जगह प्राकृतिक चीजों से बनी वस्तुओं का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें । जिससे स्वास्थ्य एवं प्रकृति दोनों को हानि न पहुंचे, क्योंकि प्लास्टिक मनुष्य के शरीर के साथ- साथ प्रकृति को भी हानि पहुंचाता है।*

