
गौ सम्मान एवं गौ रक्षा के लिए रथ रवाना किया गया है। हिंदू पीठ जमशेदपुर के प्रांगण से गौ सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण के लिए रथ को पूजन कर श्री राजकुमार शाह जी के द्वारा रवाना किया गया। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है जो गौ माता के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।
गौ सम्मान एवं गौ रक्षा के लिए रथ का महत्व
संभाग प्रभारी सुमित खंडेलवाल ने बताया कि यह रथ पूरे झारखंड में दौरा करेगा और इसके माध्यम से सभी गौ भक्तों को 17 दिसंबर को रांची में लाखों की तादाद में इकट्ठा होने के लिए तैयार करेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को जल्द से जल्द राष्ट्रीय माता घोषित करवाना है। सनातन धर्म में गाय का स्थान सर्वोपरि है और उनके बिना कोई भी धार्मिक अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।
वर्तमान समय में देश की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। हर दिन लगभग एक लाख गौ माता को काटा जा रहा है, जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में गौ माता लुप्त हो जाएगी। दिवाली के पावन पर्व पर घी का दीपक जलाने के लिए भी हमें गौ माता के शुद्ध देसी घी की आवश्यकता होती है। हवन और यज्ञ जैसे धार्मिक कार्यों के लिए भी गौ माता का योगदान अनिवार्य है। साथ ही, ऑर्गेनिक खेती और अनाज उत्पादन के लिए भी गौ वंश पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
इसीलिए हमें गौ माता की हत्या को देश में पूर्ण रूप से बंद करना होगा। गौ माता को राष्ट्रीय माता का सम्मान दिलाना हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए। गौ माता है तो हम हैं; वे इस देश की प्राण हैं।
गौ भक्तों की उपस्थिति और संकल्प
रथ रवाना करने से पूर्व आज हिंदू पीठ में गणपति जी की आरती की गई। इस अवसर पर हिंदू पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अजय गुप्ता, सोमनाथ सिंह, सुशील सिंह, सीमा पांडे और अन्य प्रमुख गौ भक्त उपस्थित थे। सभी ने मिलकर गौ माता की सुरक्षा का संकल्प लिया और समाज के हर व्यक्ति से इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।
यह रथ अभियान गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को जागरूक करेगा। 17 दिसंबर को रांची में होने वाली विशाल सभा में पूरे राज्य से गौ भक्तों के जुटने की उम्मीद है। गौ माता की रक्षा ही राष्ट्र की रक्षा है, और इसी ध्येय के साथ यह रथ पूरे राज्य में भ्रमण करेगा।
हमें यह समझना होगा कि गौ माता की दुर्दशा से हमारे संस्कृति के मूल आधार को खतरा है। शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक गौ माता की उपेक्षा करना समाज के लिए घातक साबित होगा। यह रथ मात्र एक वाहन नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और संकल्प का प्रतीक है जो आने वाले समय में गौ माता को राष्ट्र माता के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। सभी गौ प्रेमियों का दायित्व है कि वे इस अभियान को अपना पूर्ण सहयोग दें और आने वाली पीढ़ियों के लिए गौ धन को सुरक्षित करें।

